रिपोर्ट विक्रम पटवाल विकास खण्ड द्वारीखाल के डाडामण्डी क्रीडा स्थल में विकास खण्ड स्तरीय शरद एवं शीतकालीन 3 दिवसीय क्रीडा प्रतियोगिता का आयोजन...
ByvomadminSeptember 15, 2026रिपोर्ट कमलेश पुरोहित एलएनजी व सीएनजी स्टेशन के लिए उपयुक्त भूमि चयन के निर्देश जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला...
ByvomadminSeptember 10, 2026चमोली 09 सितम्बर 2026 (सू.वि.) रिपोर्ट कमलेश पुरोहित 03 अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची 63,347 नोटिसों पर सुनवाई पूरी, सभी प्रकरण...
ByvomadminSeptember 9, 2026खटीमा वर्ष 1 सितंम्बर 1994 के खटीमा गोलीकांड 32 वी बरसी पर मंगलवार को खटीमा शहीद स्थल पर उत्तराखण्ड के कार्यकर्ताओ ने श्रदा...
ByvomadminSeptember 1, 2026रिपोर्ट महिपाल रावत जयहरीखाल। भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जयहरीखाल के हिंदी विभाग की छात्रा तनीषा रावत ने लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय पात्रता...
ByvomadminAugust 31, 2026रिपोर्ट विक्रम पटवाल पशुधन सहायक श्री बलवीर सिंह पशु चिकित्सालय कल्जीखाल सेवानिवृत्त होने पर समस्त स्टाफ,जन प्रतिनिधि एवं लोगों नें सम्मानपूर्वक विदाई समारोह...
ByvomadminAugust 31, 2026जिम्मेदार एवं जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता के लिए मिला प्रशंसा-पत्र, सम्मान से क्षेत्र में खुशी की लहर नई दिल्ली। उत्तराखंड के मूल निवासी...
ByvomadminAugust 29, 2026रिपोर्ट लोकेन्द्र रावत जनपद चमोली के विकास खण्ड कर्णप्रयाग के ग्राम जयकण्डी के वन पंचायत भूमि में समळौ॑ण आन्दोलन के तहत बांज,कचनार, आंवला...
ByvomadminAugust 29, 2026पिथौरागढ। रिपोर्टर खीमानंद सोबन सिंह जीना (SSJ) विश्वविद्यालय में प्रशासनिक कारगुजारियों और विवादों की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है। विधि (Law)...
ByvomadminAugust 24, 2026प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक संगठनों ने की शिरकत महारैली में लिया निर्णय, हरेक मूल निवासी को आंदोलन से जोड़ा जाएगा त्याग,...
ByjigyasuFebruary 18, 2024कैसे आएगा सशक्त भू-क़ानून, अधिकारियों ने ही लूट ली जमीनें सरकार में निहित हो अवैध रूप से खरीदी गई ज़मीन पौंधा में 250...
ByjigyasuDecember 11, 2024राजनीतिक दृश्यता एवम महिला अभिकरण को मुखर आवाज देने वाले नारी शक्ति वंदन बिल का गिरना राजनीतिक सेहत के लिए हानिकारक है :...
ByjigyasuApril 20, 2026रिपोर्ट लोकेन्द्र रावत एंकर / नवनियुक्त मुख्य चिकित्साधिकारी चमोली डा० राजीव पाल को अक्षत नाट्य संस्था गोपेश्वर ने आज अपने कार्यालय में भव्य...
ByvomadminAugust 24, 2026रिपोर्ट महिपाल रावत IAS की तरह ITS Indian Teacher Service और PCS की तरह STS . State Teacher Service तैयार करके देश में...
ByvomadminAugust 16, 2026रिपोर्ट विक्रम पटवाल आज कारगिल शहीद धर्म सिंह राजकीय इंटर कॉलेज कल्जीखाल में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। सभी बच्चों और शिक्षकों...
ByvomadminAugust 15, 2026रिपोर्ट कमलेश पुरोहित गोपेश्वर, 15 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सजवाण के नेतृत्व में आज...
ByvomadminAugust 15, 2026रिपोर्ट प्रभुपाल सिंह रावत द्वारी-भौन सड़क मार्ग पर माल वाहन (,पिक अप) 200 मीटर पहाड़ी से नीचे खाई में गिरा, चालक व हेल्पर...
ByvomadminAugust 15, 2026आजादी हमें भीख में नहीं मिली थी इसके लिए क्रांतिकारी फांसी के फंदे पर झूल गए। अंग्रेजों ने लाखों आंदोलकारियों को मौत की...
ByvomadminAugust 15, 2026रिपोर्ट कमलेश पुरोहित तमक नाले में ह्यूम पाइप डालकर अस्थाई मोटर मार्ग बनाने का कार्य तेजी से जारी वाहनों की आवाजाही सुचारु करने...
ByvomadminAugust 12, 2026रिपोर्ट प्रभुपाल सिंह रावत रिखणीखाल विकासखंड क्षेत्र में हिंसक बाघ एवं तेंदुओं के बढ़ते आतंक पर आज रिखणीखाल वेलफेयर सोसायटी द्वारा जिलाधिकारी पौडी...
ByvomadminAugust 8, 2026देहरादून। उत्तराखण्ड में जमीनों की धड़ल्ले से हो रही खरीद-फरोख्त पर विवाद का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया प्रकरणों के सार्वजनिक होने के बाद उत्तराखण्ड क्रान्ति दल एक बार फिर इस गंभीर मुद्दे पर मुखर हो गया है। कचहरी रोड स्थित केंद्रीय कार्यालय में भू-कानून और सरकार के प्रस्तावित ‘देवभूमि कार्ड’ को लेकर पार्टी की महत्वपूर्ण मंथन बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित ‘देवभूमि कार्ड’ की अवधारणा, प्रदेश में लगातार हो रही जमीनों की खरीद-फरोख्त तथा मूल निवासियों के अधिकारों से जुड़े गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत, स्पष्ट और प्रभावी भू-कानून की आवश्यकता है। सरकार जिस प्रकार ‘देवभूमि कार्ड’ की व्यवस्था लागू करने की बात कर रही है, वह प्रदेश की मूल समस्या का समाधान नहीं है। इससे उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के संवैधानिक, सामाजिक और भूमि संबंधी अधिकारों को वह संरक्षण नहीं मिलेगा जिसकी आज आवश्यकता है। उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के मूल निवास भू-कानून प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लूशुन टोडरिया ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बाहरी व्यक्तियों एवं प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से खुलेआम जमीन खरीदने और बेचने के विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे हैं। यह स्थिति उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, जनसांख्यिकीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। टोडरिया ने आरोप लगाया कि इन गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के बजाय राज्य सरकार उदासीन रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पौड़ी जिले के सबदरखाल में 144 नाली जमीन बिकने का मामला सामने आया है, उससे स्पष्ट होता है कि उत्तराखण्ड सरकार का भू-कानून जमीनों की बेतहाशा खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भू-कानून भी भू माफियाओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया प्रतीत होता है। टोडरिया ने उत्तराखण्ड सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही प्रदेश में जमीनों की इस बेतहाशा खरीद-फरोख्त पर रोक नहीं लगाई गई तो आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तराखण्ड क्रान्ति दल गांव-गांव जाकर सरकार की इस हिमालय विरोधी सोच और उसकी भू-कानून नीति की पोल जनता के सामने खोलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जमीन को बाजार बनने नहीं दिया जाएगा और इस लड़ाई को निर्णायक स्तर तक ले जाया जाएगा। केंद्रीय महामंत्री सेवानिवृत्त कर्नल देवरानी ने कहा कि जहां प्रदेश की जनता उत्तराखण्ड सरकार से मूल निवास प्रमाण-पत्र की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार ‘देवभूमि कार्ड’ बनाकर 15 साल के निवास के आधार पर निवास प्रमाण-पत्र देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के अधिकारों पर सीधा हमला है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह प्रदेश के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा करना चाहती है या बाहरी लोगों के लिए स्थायी बसावट का रास्ता आसान करना चाहती है। केंद्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी घिल्डियाल ने कहा कि एक ओर सरकार सशक्त भू-कानून लागू होने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में भूमि की अनियंत्रित खरीद-फरोख्त लगातार जारी है। यदि वास्तव में भू-कानून प्रभावी होता तो प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में जमीनों की खरीद-बिक्री का इस प्रकार खुलेआम प्रचार-प्रसार संभव नहीं होता। सरकार को अपने दावों और जमीन पर दिखाई दे रही वास्तविक स्थिति के बीच का अंतर जनता को बताना चाहिए। सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष महिपाल पुंडीर ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण केवल भौगोलिक सीमाओं के लिए नहीं हुआ था, बल्कि यहां के मूल निवासियों की संस्कृति, पहचान, संसाधनों और अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से भी हुआ था। इसलिए सरकार को प्रतीकात्मक योजनाओं के बजाय मूल निवास की स्पष्ट परिभाषा, सख्त भू-कानून और भूमि संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था लागू करनी चाहिए। तराई प्रभारी राजेंद्र बिष्ट ने राज्य सरकार से मांग...
ByvomadminAugust 8, 2026