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डाडामण्डी में विकास खण्ड स्तरीय शरद एवं शीतकालीन प्रतियोगिता का प्रमुख द्वारीखाल बीना राणा ने किया शुभारम्भ।

रिपोर्ट  विक्रम पटवाल विकास खण्ड द्वारीखाल के डाडामण्डी क्रीडा स्थल में विकास खण्ड स्तरीय शरद एवं शीतकालीन 3 दिवसीय क्रीडा प्रतियोगिता का आयोजन...

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चमोली-सिटी गैस नेटवर्क को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा

रिपोर्ट कमलेश पुरोहित एलएनजी व सीएनजी स्टेशन के लिए उपयुक्त भूमि चयन के निर्देश जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला...

चमोली-3 अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची,63,347 नोटिसों पर सुनवाई पूरी, सभी प्रकरण अपलोड

चमोली 09 सितम्बर 2026 (सू.वि.) रिपोर्ट कमलेश पुरोहित 03 अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची   63,347 नोटिसों पर सुनवाई पूरी, सभी प्रकरण...

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खटीमा-1 सितंम्बर 1994 के खटीमा गोलीकांड 32 वी बरसी पर उक्रांद कार्यकताओ द्वारा श्रद्वांजली दी गई।

खटीमा वर्ष 1 सितंम्बर 1994 के खटीमा गोलीकांड 32 वी बरसी पर मंगलवार को खटीमा शहीद स्थल पर उत्तराखण्ड के कार्यकर्ताओ ने श्रदा...

पौडी- तनीषा रावत ने लगातार तीसरी बार नेट उत्तीर्ण कर बढ़ाया क्षेत्र का गौरव

रिपोर्ट महिपाल रावत जयहरीखाल। भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जयहरीखाल के हिंदी विभाग की छात्रा तनीषा रावत ने लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय पात्रता...

कल्जीखाल-पशुधन सहायक श्री बलवीर सिंह पशु चिकित्सालय सेवानिवृत्त विदाई समारोह।

रिपोर्ट  विक्रम पटवाल पशुधन सहायक श्री बलवीर सिंह पशु चिकित्सालय कल्जीखाल सेवानिवृत्त होने पर समस्त स्टाफ,जन प्रतिनिधि एवं लोगों नें सम्मानपूर्वक विदाई समारोह...

पौड़ी के हरिश रावत को दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने किया सम्मानित

जिम्मेदार एवं जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता के लिए मिला प्रशंसा-पत्र, सम्मान से क्षेत्र में खुशी की लहर नई दिल्ली। उत्तराखंड के मूल निवासी...

रक्षाबंधन पर रक्षा सूत्र बांधकर किया समळौ॑ण पौधारोपण। नन्दा जोशी।।

रिपोर्ट लोकेन्‍द्र रावत जनपद चमोली के विकास खण्ड कर्णप्रयाग के ग्राम जयकण्डी के वन पंचायत भूमि में समळौ॑ण आन्दोलन के तहत बांज,कचनार, आंवला...

पिथौरागढ़ से बड़ी ख़बर: SSJ विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अराजकता की पराकाष्ठा!​शिक्षा शास्त्र के प्राध्यापक को ‘गणित’ पढ़ाने का फरमान!

पिथौरागढ। रिपोर्टर खीमानंद सोबन सिंह जीना (SSJ) विश्वविद्यालय में प्रशासनिक कारगुजारियों और विवादों की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है। विधि (Law)...

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कोटद्वार में मूल निवास मांग के समर्थन मे सड़कों पर उतरे हजारों लोग।

प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक संगठनों ने की शिरकत महारैली में लिया निर्णय, हरेक मूल निवासी को आंदोलन से जोड़ा जाएगा त्याग,...

देहरादून- उच्चाधिकारियों पर भूमि कानूनों के प्रावधनों का उल्लंघन कर ज़मीन खरीदने का आरोप मोहित डिमरी द्वारा

कैसे आएगा सशक्त भू-क़ानून, अधिकारियों ने ही लूट ली जमीनें सरकार में निहित हो अवैध रूप से खरीदी गई ज़मीन पौंधा में 250...

राजनीतिक दृश्यता एवम महिला अभिकरण को मुखर आवाज देने वाले नारी शक्ति वंदन बिल का गिरना राजनीतिक सेहत के लिए हानिकारक है

राजनीतिक दृश्यता एवम महिला अभिकरण को मुखर आवाज देने वाले नारी शक्ति वंदन बिल का गिरना राजनीतिक सेहत के लिए हानिकारक है :...

चमोली-ग्लोबल ग्रीन राष्ट्रीय अवार्ड से नवाजा गया। वन क्षेत्राधिकारी बीएल शाह को

रिपोर्टर/लोकेंद्र रावत स्थान/ पोखरी रैंज चमोली \ पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग के नागनाथ रैंज...

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अक्षत नाट्य संस्था गोपेश्वर ने नव नियुक्त मुख्य चिकित्साधिकारी चमोली का किया भव्य स्वागत

रिपोर्ट लोकेन्‍द्र रावत एंकर / नवनियुक्त मुख्य चिकित्साधिकारी चमोली डा० राजीव पाल को अक्षत नाट्य संस्था गोपेश्वर ने आज अपने कार्यालय में भव्य...

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IAS/PCS की तरह STS तैयार करके देश में वन नेशन व एजुकेशन लागू की जाय!

रिपोर्ट महिपाल रावत IAS की तरह ITS Indian Teacher Service और PCS की तरह STS . State Teacher Service तैयार करके देश में...

कारगिल शहीद धर्म सिंह राजकीय इंटर कॉलेज कल्जीखाल में ८० वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया।

रिपोर्ट विक्रम पटवाल आज कारगिल शहीद धर्म सिंह राजकीय इंटर कॉलेज कल्जीखाल में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। सभी बच्चों और शिक्षकों...

गोपश्‍वर- उत्तराखंड क्रांति दल के नेतृत्व में स्वतंत्रता दिवस पर सेवा एवं जागरूकता कार्यक्रम

रिपोर्ट कमलेश पुरोहित गोपेश्वर, 15 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सजवाण के नेतृत्व में आज...

रिखणीखाल-द्वारी-भौन सड़क मार्ग पर पिक अप खाई में गिरा, चालक व हेल्पर ने कूदकर बचायी जान।

रिपोर्ट  प्रभुपाल सिंह रावत द्वारी-भौन सड़क मार्ग पर माल वाहन (,पिक अप) 200 मीटर पहाड़ी से नीचे खाई में गिरा, चालक व हेल्पर...

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मास्टर करतारसिंह की 26 वीं पुण्यतिथी पर “संयुक्त नागरिक संगठन” द्वारा आयोजित कार्यक्रम।

आजादी हमें भीख में नहीं मिली थी इसके लिए क्रांतिकारी फांसी के फंदे पर झूल गए। अंग्रेजों ने लाखों आंदोलकारियों को मौत की...

चमोली- वाहनों की आवाजाही सुचारु करने के लिए प्रशासन एवं संबंधित विभागों की टीमें युद्धस्तर पर जुटीं।

रिपोर्ट कमलेश पुरोहित तमक नाले में ह्यूम पाइप डालकर अस्थाई मोटर मार्ग बनाने का कार्य तेजी से जारी वाहनों की आवाजाही सुचारु करने...

रिखणीखाल विकासखंड क्षेत्र में हिंसक बाघ एवं तेंदुओं के बढ़ते आतंक,जिला अधिकारी को लिखा पत्र।

रिपोर्ट प्रभुपाल सिंह रावत रिखणीखाल विकासखंड क्षेत्र में हिंसक बाघ एवं तेंदुओं के बढ़ते आतंक पर आज रिखणीखाल वेलफेयर सोसायटी द्वारा जिलाधिकारी पौडी...

देवभूमि कार्ड नहीं,सशक्त भू-कानून और मूल निवास का अधिकार चाहिए : उत्तराखण्ड क्रान्ति दल

देहरादून। उत्तराखण्ड में जमीनों की धड़ल्ले से हो रही खरीद-फरोख्त पर विवाद का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया प्रकरणों के सार्वजनिक होने के बाद उत्तराखण्ड क्रान्ति दल एक बार फिर इस गंभीर मुद्दे पर मुखर हो गया है। कचहरी रोड स्थित केंद्रीय कार्यालय में भू-कानून और सरकार के प्रस्तावित ‘देवभूमि कार्ड’ को लेकर पार्टी की महत्वपूर्ण मंथन बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित ‘देवभूमि कार्ड’ की अवधारणा, प्रदेश में लगातार हो रही जमीनों की खरीद-फरोख्त तथा मूल निवासियों के अधिकारों से जुड़े गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत, स्पष्ट और प्रभावी भू-कानून की आवश्यकता है। सरकार जिस प्रकार ‘देवभूमि कार्ड’ की व्यवस्था लागू करने की बात कर रही है, वह प्रदेश की मूल समस्या का समाधान नहीं है। इससे उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के संवैधानिक, सामाजिक और भूमि संबंधी अधिकारों को वह संरक्षण नहीं मिलेगा जिसकी आज आवश्यकता है। उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के मूल निवास भू-कानून प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लूशुन टोडरिया ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बाहरी व्यक्तियों एवं प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से खुलेआम जमीन खरीदने और बेचने के विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे हैं। यह स्थिति उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, जनसांख्यिकीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। टोडरिया ने आरोप लगाया कि इन गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के बजाय राज्य सरकार उदासीन रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पौड़ी जिले के सबदरखाल में 144 नाली जमीन बिकने का मामला सामने आया है, उससे स्पष्ट होता है कि उत्तराखण्ड सरकार का भू-कानून जमीनों की बेतहाशा खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भू-कानून भी भू माफियाओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया प्रतीत होता है। टोडरिया ने उत्तराखण्ड सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही प्रदेश में जमीनों की इस बेतहाशा खरीद-फरोख्त पर रोक नहीं लगाई गई तो आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तराखण्ड क्रान्ति दल गांव-गांव जाकर सरकार की इस हिमालय विरोधी सोच और उसकी भू-कानून नीति की पोल जनता के सामने खोलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जमीन को बाजार बनने नहीं दिया जाएगा और इस लड़ाई को निर्णायक स्तर तक ले जाया जाएगा। केंद्रीय महामंत्री सेवानिवृत्त कर्नल देवरानी ने कहा कि जहां प्रदेश की जनता उत्तराखण्ड सरकार से मूल निवास प्रमाण-पत्र की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार ‘देवभूमि कार्ड’ बनाकर 15 साल के निवास के आधार पर निवास प्रमाण-पत्र देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के अधिकारों पर सीधा हमला है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह प्रदेश के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा करना चाहती है या बाहरी लोगों के लिए स्थायी बसावट का रास्ता आसान करना चाहती है। केंद्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी घिल्डियाल ने कहा कि एक ओर सरकार सशक्त भू-कानून लागू होने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में भूमि की अनियंत्रित खरीद-फरोख्त लगातार जारी है। यदि वास्तव में भू-कानून प्रभावी होता तो प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में जमीनों की खरीद-बिक्री का इस प्रकार खुलेआम प्रचार-प्रसार संभव नहीं होता। सरकार को अपने दावों और जमीन पर दिखाई दे रही वास्तविक स्थिति के बीच का अंतर जनता को बताना चाहिए। सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष महिपाल पुंडीर ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण केवल भौगोलिक सीमाओं के लिए नहीं हुआ था, बल्कि यहां के मूल निवासियों की संस्कृति, पहचान, संसाधनों और अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से भी हुआ था। इसलिए सरकार को प्रतीकात्मक योजनाओं के बजाय मूल निवास की स्पष्ट परिभाषा, सख्त भू-कानून और भूमि संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था लागू करनी चाहिए। तराई प्रभारी राजेंद्र बिष्ट ने राज्य सरकार से मांग...