Home उत्तराखंड देहरादून उत्‍तराखण्‍ड मेेडिकल लैब टेक्नीशियन ऐसोसिएशन की बैठक मे संवर्ग का कैडर पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा!
देहरादून

उत्‍तराखण्‍ड मेेडिकल लैब टेक्नीशियन ऐसोसिएशन की बैठक मे संवर्ग का कैडर पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा!

दिनांक 27 अप्रैल 2024 को उत्तराखंड मेडिकल लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी की प्रथम बैठक प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश रावत जी की अध्यक्षता में ऑफिसर्स ट्रांसिट हॉस्टल रेस कोर्स के सभागार में संपन्न हुई जिसमें प्रदेश कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारी कारण एवं जनपद शाखाओं के पदाधिकारीगण एवं जिला कार्यकारिणी देहरादून के पदाधिकारीगण एवं सदस्य उपस्थित हुए बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए जिसमें लैब टेक्नीशियन संवर्ग का कैडर पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव जो की शासन स्तर पर लंबित है के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई एवं देहरादून जनपद के तीन लैब टेक्नीशियन सदस्य श्रीमती विरोजनी भंडारी, श्रीमती सुधा थपलियाल एवं श्रीमती रश्मि उनियाल जो की वर्तमान में स्टेट रेफरेंस लैब चंदन नगर देहरादून में कार्यरत हैं उनको आतिथि तक महानिदेशालय स्तर से MACP का लाभ नहीं मिला है जिसके संबंध में संगठन द्वारा विगत दो-तीन वर्षों से महानिदेशक को बार-बार संबंधित मांग पत्र दिया जा रहा है परंतु महानिदेशालय स्तर से उक्त कर्मियों को अतिथि तक उक्त लाभ नहीं पाया है । जबकि यह लाभ उक्त कर्मियों को नवंबर 2019 में ही मिल जाना चाहिए था । उक्त के संबंध में प्रदेश कार्यकारिणी ने निर्णय लिया कि उक्त संबंधी अंतिम मांग पत्र चेतावनी पत्र के रूप में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को दिया जाएगा जिसमें महानिदेशालय प्रशासन को एक माह का समय दिया जाएगा तदोपरांत संगठन महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण का घेराव एवं परिसर में धरना प्रदर्शन करेगा।
बैठक में निदेशालय स्तर पर अन्य लंबित मांगों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई एवं निर्णय लिया गया की जल्दी ही प्रदेश कार्यकारिणी का एक शिष्टमंडल महानिदेशक से वार्ता करेगा जिसमें वार्ता के बिंदु बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा तय किए गए। बैठक में माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी द्वारा आश्वासित त्रिस्तरीय बैठक की रूपरेखा के बारे में विस्तृत चर्चा की गई एवं साथ-साथ वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता, वाहन भत्ता पौष्टिक आहार भत्ता, जोखिम भत्ता एवं नसबंदी शिविर का मानदेय को लागू करने के संबंध में अग्रिम रणनीति हेतु विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में प्रदेश महासचिव श्री प्रशांत कनवासी, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री महावीर सिंह चौहान जी, प्रदेश मुख्य संरक्षक श्री राकेश सिंह बड़वाल जी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री बलवीर जगवाण जी, प्रदेश महिला उपाध्यक्ष श्रीमती सरिता बिजल्वाण जी, प्रदेश सचिव श्री पंकज वर्मा जी, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री दलबीर सिंह राणा जी, प्रदेश प्रवक्ता श्री सुभाष भट्ट जी, देहरादून जिला शाखा के अध्यक्ष श्री शोभित भालचंद उनियाल जी, कोषाध्यक्ष श्री अरविंद तोपवाल जी, मंडलीय सचिव गढ़वाल श्री अरविंद सिंह मटूड़ा जी एवं समस्त प्रादेशिक जिला शाखा के अध्यक्ष/ सचिव एवं देहरादून के समस्त सदस्य गण मौजूद रहे!

अन्‍य खबरो के लिए नीचे लिंक पर जाए। 

युटयुब चैनलhttps://www.youtube.com/channel/UCVCkmiPBWlGDz-Vyi8c2Xlg

फेसबुक पेजhttps://www.facebook.com/Voicemountains

व्‍हाटअपhttps://chat.whatsapp.com/KX9oESnS9NHE5fGoUMwOs

Contact- jagjigyasu@gmail.com  9811943221

Related Articles

देवभूमि कार्ड नहीं,सशक्त भू-कानून और मूल निवास का अधिकार चाहिए : उत्तराखण्ड क्रान्ति दल

देहरादून। उत्तराखण्ड में जमीनों की धड़ल्ले से हो रही खरीद-फरोख्त पर विवाद का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया प्रकरणों के सार्वजनिक होने के बाद उत्तराखण्ड क्रान्ति दल एक बार फिर इस गंभीर मुद्दे पर मुखर हो गया है। कचहरी रोड स्थित केंद्रीय कार्यालय में भू-कानून और सरकार के प्रस्तावित ‘देवभूमि कार्ड’ को लेकर पार्टी की महत्वपूर्ण मंथन बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित ‘देवभूमि कार्ड’ की अवधारणा, प्रदेश में लगातार हो रही जमीनों की खरीद-फरोख्त तथा मूल निवासियों के अधिकारों से जुड़े गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत, स्पष्ट और प्रभावी भू-कानून की आवश्यकता है। सरकार जिस प्रकार ‘देवभूमि कार्ड’ की व्यवस्था लागू करने की बात कर रही है, वह प्रदेश की मूल समस्या का समाधान नहीं है। इससे उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के संवैधानिक, सामाजिक और भूमि संबंधी अधिकारों को वह संरक्षण नहीं मिलेगा जिसकी आज आवश्यकता है। उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के मूल निवास भू-कानून प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लूशुन टोडरिया ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बाहरी व्यक्तियों एवं प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से खुलेआम जमीन खरीदने और बेचने के विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे हैं। यह स्थिति उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, जनसांख्यिकीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। टोडरिया ने आरोप लगाया कि इन गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के बजाय राज्य सरकार उदासीन रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पौड़ी जिले के सबदरखाल में 144 नाली जमीन बिकने का मामला सामने आया है, उससे स्पष्ट होता है कि उत्तराखण्ड सरकार का भू-कानून जमीनों की बेतहाशा खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भू-कानून भी भू माफियाओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया प्रतीत होता है। टोडरिया ने उत्तराखण्ड सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही प्रदेश में जमीनों की इस बेतहाशा खरीद-फरोख्त पर रोक नहीं लगाई गई तो आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तराखण्ड क्रान्ति दल गांव-गांव जाकर सरकार की इस हिमालय विरोधी सोच और उसकी भू-कानून नीति की पोल जनता के सामने खोलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जमीन को बाजार बनने नहीं दिया जाएगा और इस लड़ाई को निर्णायक स्तर तक ले जाया जाएगा। केंद्रीय महामंत्री सेवानिवृत्त कर्नल देवरानी ने कहा कि जहां प्रदेश की जनता उत्तराखण्ड सरकार से मूल निवास प्रमाण-पत्र की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार ‘देवभूमि कार्ड’ बनाकर 15 साल के निवास के आधार पर निवास प्रमाण-पत्र देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के अधिकारों पर सीधा हमला है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह प्रदेश के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा करना चाहती है या बाहरी लोगों के लिए स्थायी बसावट का रास्ता आसान करना चाहती है।...

दून लाइब्रेरी एवं रिसर्च सेंटर में “क्लाइमेट चेंज – बच्चों की नजर से” कार्यक्रम का सफल आयोजन।

रिपोर्ट विक्रम पटवाल देहरादून मे अब गौरय्या कम दिखती है लाल बासमती...

देहरादून- उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश कमेटी की बैठक।

आज दिनांक 20 जुलाई 2026 को उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की...