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देहरादून-सैनिक बाहुल्य प्रदेश में पूर्व सैनिकों की अनदेखी हो रही है-दिनेश नैथानी

रिपोर्ट- दिनेश नैथानी ,अध्यक्ष गौरव सेनानी धर्मपुर विधान सभा,देहरादून

सैनिक बाहुल्य प्रदेश होते हुए भी सैनिक व सैनिक परिवारों की अनदेखी करते प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियों में सैनिकों का कोई अस्तित्व नहीं है । प्रदेश में पाँच सैनिक प्रशिक्षण केन्द्र जैसे आई एम ए देहरादून आई ए एस जवाहर एकादमी मसूरी एयर फ़ोर्स सलेक्सन बोर्ड कलेमेंटटाउन , गढ़वाल राइफ़ल रेजिमेंटल सेंटर , कुमाऊँ रेजिमेंटल सेंटर बी ई जी ट्रेनिंग सेंटर प्रदेश में स्थापित हैं । सभी से हमारे प्रदेश के जवान देश को अपनी सेवा दे रहें हैं , साथ ही पेरामिलेटरी फ़ोर्स जैसे बी एस एफ ,सी आर पी एफ , एस एस बी , असम राइफ़ल और तीनों सेनाओं में प्रदेश के जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है , और दे रहें हैं परन्तु राजनैतिक पार्टियों ने इनका वोट के रूप में इस्तेमाल किया न कि देश प्रदेश की मुख्यधारा में शामिल होने दिया । प्रदेश में किसी भी पार्टी में सैनिक प्रकोष्ठ व मोर्चा नहीं है जो अल्पसंखक हैं उनका मोर्चा है जो बहुसंख्यक हैं उनका अस्तित्व ही नहीं है सभी राजनीतिक पार्टियों सैनिकों का सम्मान नहीं करती केवल शोषण करती दिख रही है । जनरल खंडूरी साहब ने कहा था मैं इन राजनीतिक धुरंधरों के बीच एक अच्छा राजनीतिक नहीं बन सका , इसलिए अभी समय है कि हम सैनिक , पूर्वसैनिक सैनिक परिवार अपनी एकता का परिचय दें और एक मंच में आकर अपने बर्चस्व के साथ साथ देवभूमि उत्तरांचल को समग्र प्रदेश बनाने की पहल करें । इस प्रदेश को आप जैसे वीर जवानों , वीरनारियों की आवश्यकता है ।

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