Home उत्तराखंड अल्‍मोडा भैसियाछाना,चकराता मे आशा कर्मचारियों को 8 महिने से नही मिला मानदेय।
अल्‍मोडादेहरादून

भैसियाछाना,चकराता मे आशा कर्मचारियों को 8 महिने से नही मिला मानदेय।

रिपोर्ट  प्रताप सिंह नेगी

अलमोडा भैसियाछाना बिकास खंड की आशा कर्मचारी व देहरादून चकराता त्यूनी की आशा कर्मचारियों ने अपने अपने स्वास्थ्य केन्द्र में बैठक का आयोजन रखकर आठ महीने बीत जाने के बाबजूद भी मानदेय नहीं मिलने पर शासन प्रशासन को दोषी ठहराया।इन आशा कर्मचारियों का कहना है। उत्तराखंड राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों व दुग्रम स्थानों मे आशा कर्मचारियों के द्बारा स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य कामकाजों की भी जिम्मेदारी दिन पर दिन बडाई जा रही है। लेकिन मानदेय के नाम पर नाम पर आठ महीने बीत जाने के बाबजूद भी ना उत्तराखंड सरकार ने कोई ध्यान दिया ना स्वास्थ्य विभाग ने।आठ महीने बीत जाने के बाद भी चकराता त्यूनी क्षेत्र की आशा कर्मचारियों को भैसियाछाना बिकास खंड की आशा कर्मचारियों को मानदेय नहीं मिला। भैसियाछाना बिकास खंड की आशा कर्मचारी हेमा भट्ट ने बताया स्वास्थ्य विभाग आशा कर्मचारियों को स्वास्थ्य बिभाग की रीढ़ बताती है। लेकिन आठ माह बीत जाने के बाबजूद भी मानदेय नहीं मिला। चकराता त्यूनी क्षेत्र की ममता आशा कर्मचारी ने बताया स्वास्थ्य विभाग ने आफ लाइन व औन लाइन इतना काम थोप दिया जो आशा कर्मचारियों के लिए बहुत कठिन है। चकराता से आशा कर्मचारियों की आशा फेसिलेटटर निसा रावत का कहना है। इससे पहले ही आशा कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण व नवजात शिशु का टीकाकरण, मां प्रोग्राम, पीएलए की बैठक,बी एस एन सी , जन्म व मृत्यु रिपोर्ट देना। अभी वर्तमान में केंद्र सरकार के द्वारा संघन इंद्रधनुष अभियान की सरबे। चंपा आर्य आशा कर्मचारी ने शासन प्रशासन से अपील की आठ महीने बीत जाने के बाबजूद भी मानदेय नहीं मिला जो आशा कर्मचारी बिधवा है उन आशा कर्मचारियों को आठ महीने बीत जाने के बाबजूद भी मानदेय नहीं मिला उनको अपने घर परिवार व अपने बच्चों को पढाई लिखाई के लिए कितने परेशानियों का सामना करना पड रहा है।

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