पौड़ी में गुलदार के बढ़ते आतंक पर पूर्व सैनिक मेजर ओंकार सिंह नेगी ने लिखा खुला पत्र, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की उठाई मांग
खंडाह और बछेली की घटनाओं पर जताई चिंता, पौड़ी व एकेश्वर ब्लॉक को उच्च जोखिम क्षेत्र घोषित करने की मांग
पौड़ी गढ़वाल। जनपद में गुलदार के बढ़ते हमलों और लगातार हो रही जनहानि को लेकर वेटरन मेजर ओंकार सिंह नेगी ने जनता के नाम एक सार्वजनिक विज्ञप्ति एवं खुला पत्र जारी किया है। 10 अक्टूबर 2026 को जारी इस पत्र में उन्होंने पौड़ी-श्रीनगर मार्ग के खंडाह गांव और एकेश्वर ब्लॉक के बछेली गांव में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
मेजर ओंकार सिंह नेगी ने पत्र में कहा कि उन्होंने 20 सितंबर 2026 को ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गुलदार के बढ़ते खतरे के प्रति आगाह किया था। उनका कहना है कि हाल की घटनाओं ने इस खतरे की गंभीरता को फिर उजागर कर दिया है।
खंडाह में महिला की मौत, बछेली की घटना ने भी बढ़ाई चिंता
खुले पत्र के अनुसार, 10 अक्टूबर की सुबह करीब 5 से 6 बजे पौड़ी ब्लॉक के खंडाह गांव में श्रीमती बीना देवी घास काटने गई थीं, तभी गुलदार ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें उनकी मौत हो गई। पत्र में प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) पौड़ी की ओर से घटना की पुष्टि किए जाने का भी उल्लेख है।
वहीं, एकेश्वर ब्लॉक के बछेली गांव में इसी सप्ताह गुलदार के हमले की एक अन्य घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह समस्या अब किसी एक गांव तक सीमित नहीं रह गई है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
गुलदार के हमलों के आंकड़ों पर जताई चिंता
मेजर नेगी ने अपने पत्र में वन विभाग के आंकड़ों और वन्यजीव हमलों से संबंधित अध्ययनों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से पौड़ी गढ़वाल में गुलदार के हमलों के खतरे का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीणों, खासकर महिलाओं, बच्चों और सुबह-शाम घर से बाहर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने पत्र में वर्ष 2000 से 2025 के बीच वन्यजीवों के हमलों में हुई मौतों से संबंधित अध्ययन का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, ये आंकड़े इस समस्या की गंभीरता को समझने और दीर्घकालिक समाधान तैयार करने की आवश्यकता दर्शाते हैं।
मेजर ओंकार सिंह नेगी की प्रमुख मांगें
खुले पत्र के माध्यम से उन्होंने सरकार और संबंधित प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें उठाई हैं।
- तत्काल सुरक्षा व्यवस्था: खंडाह और बछेली सहित प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार लोहे के पिंजरे, ट्रैप कैमरे और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तैनात की जाए।
- पीड़ित परिवार को मुआवजा: गुलदार के हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को निर्धारित सरकारी मानकों के अनुसार बिना देरी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
- स्थायी निगरानी व्यवस्था: पौड़ी और एकेश्वर ब्लॉक के संवेदनशील क्षेत्रों को उच्च जोखिम क्षेत्र घोषित करने पर विचार किया जाए और वहां 24 घंटे निगरानी की प्रभावी व्यवस्था स्थापित की जाए।
जनता से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील
मेजर ओंकार सिंह नेगी ने अपने पत्र में कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन और उनके बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस खुले पत्र का उद्देश्य किसी व्यक्ति, विभाग या सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि पहाड़ी गांवों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
अब देखना होगा कि गुलदार के बढ़ते हमलों से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और स्थायी समाधान की दिशा में शासन-प्रशासन कितनी तत्परता से कदम उठाता है।

Leave a comment