लैंसडाउन विधानसभा में मुकेश बिष्ट की पहल, राष्ट्रपति को भेजा जाएगा हजारों ग्रामीणों के हस्ताक्षरों के साथ ज्ञापन
नैनीडांडा (पौड़ी गढ़वाल)। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के विरोध में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने आवाज बुलंद की है। लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र से यूकेडी के प्रत्याशी मुकेश बिष्ट ने जनसुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर ‘महा हस्ताक्षर अभियान’ की शुरुआत की है। इस अभियान के माध्यम से क्षेत्र की समस्याओं को राष्ट्रपति के समक्ष उठाने की तैयारी है।
स्वर्गीय मंजू देवी के परिजनों की सहमति से अभियान का आगाज
अभियान की शुरुआत नैनीडांडा विकासखंड के ढंगलगांव से की गई। उल्लेखनीय है कि इसी गांव की मंजू देवी की बीते दिनों भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाने के कारण मृत्यु हो गई थी।

अभियान की शुरुआत से पहले मुकेश बिष्ट ने स्वर्गीय मंजू देवी के परिजनों से मुलाकात कर उनकी सहमति और अनुमति ली। इसके बाद परिजनों के हस्ताक्षर के साथ अभियान का शुभारंभ किया गया। इस पहल के जरिए क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
हजारों ग्रामीणों के हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य
यूकेडी की ओर से इस अभियान के लिए एक विशाल पोस्टर तैयार किया गया है, जिस पर लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों और नागरिकों के हस्ताक्षर जुटाए जाएंगे। हस्ताक्षर अभियान पूरा होने के बाद पोस्टर के साथ क्षेत्र की समस्याओं और जनहित से जुड़ी मांगों का विस्तृत ज्ञापन भारत की राष्ट्रपति को भेजा जाएगा।
‘पहाड़ की जनता को भगवान भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता’: मुकेश बिष्ट
मुकेश बिष्ट ने मानव-वन्यजीव संघर्ष और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पहाड़ में वन्यजीवों के हमले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं, वहीं समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर लगातार मांग उठाने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। पहाड़ की जनता के जान-माल की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होती है, तो क्षेत्र की पीड़ा और जनता की मांगों को राष्ट्रपति के समक्ष रखा जाएगा।
ग्रामीणों ने किया अभियान का समर्थन
महा हस्ताक्षर अभियान के दौरान ढंगलगांव और आसपास के ग्रामीणों ने भी इस पहल के प्रति समर्थन जताया। अभियान के माध्यम से क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी नियंत्रण, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई जा रही है।
यूकेडी की इस पहल का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं को व्यापक स्तर पर उठाकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना और उनके समाधान के लिए ठोस कार्रवाई की मांग करना है।
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