Home उत्तराखंड देहरादून देहरादून-एडवोकेट विकेश नेगी को जिला बदर किये जाने के बाद अधिवक्ता उनके समर्थन में उतर आए हैं।
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देहरादून-एडवोकेट विकेश नेगी को जिला बदर किये जाने के बाद अधिवक्ता उनके समर्थन में उतर आए हैं।

विकेश नेगी प्रकरण की हो उच्चस्तरीय जांच
– वकीलों ने सरकार से की मांग, पुलिस जांच पर उठाए सवाल
– जिला बदर करने की कार्रवाई द्वैषपूर्ण, पुलिस कर रही कोर्ट का काम
देहरादून। आरटीआई एक्टिविस्ट एडवोकेट विकेश नेगी को जिला बदर किये जाने के बाद अधिवक्ता उनके समर्थन में उतर आए हैं। वकीलों ने इस कार्रवाई की निंदा की और कहा कि पुलिस- प्रशासन ने यह कार्रवाई द्वैषपूर्ण तरीके से की है। विकेश को जिला बदर करने में कानून का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। वकीलों का कहना है कि इस मामले में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई एकतरफा रही है। उन्होंने चिन्ता जतायी कि इस तरह की कार्रवाई से आम जनता के लिए भी खतरा हो सकता है कि भविष्य में किसी को भी पुलिस जब चाहे जिला बदर कर सकती है।
देहरादून के उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में अधिवक्ताओं ने एडवोकेट विकेश नेगी को जिला बदर करने की कार्रवाई की निंदा की। अधिवक्ताओं का कहना है कि विकेश नेगी पर कोर्ट में कोई अपराधिक केस नहीं है। जिला बदर के लिए आदतन अपराधी या समाज के लिए खतरा होने की बात कोर्ट में तय नहीं हुई। पुलिसिया कहानी है। अधिवक्ताओं से सवाल किया कि क्या पुलिस ही कोर्ट है? पुलिस प्रशासन बताए कि विकेश नेगी समाज के लिए कैसे खतरा है? जिस जमीन पर सिविल कोर्ट में केस चल रहा है और स्टे है। उस जमीन के मालिक के एडवोकेट के तौर पर विकेश नेगी नियुक्त हैं। अधिवक्ताओं ने पुलिस से उस जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है जिसके आधार पर विकेश नेगी को जिला बदर किया गया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस ने अपना काम ठीक से नहीं किया। उन्होंने मांग की कि जांच करने वाले पुलिस अधिकारी और डीएम पर कार्रवाई होनी चाहिए। अधिवक्ताओं ने चिन्ता जतायी कि विकेश नेगी का केस भविष्य में आम जनता के लिए भी खतरा बन सकता है कि पुलिस से मिलकर कोई भी किसी को भी जिला बदर करवा सकता है। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल ने भी इस मामले में सरकार से जांच की मांग की है और हम भी उच्चस्तरीय जांच करने की मांग कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि विकेश नेगी के जिला बदर को तुरंत निरस्त किया जाए।
इस अवसर पर अधिवक्ता अनु पंत, शशी खन्‍ना, अशोक अग्रवाल, के के घोलाखण्‍डी, प्रोमिला रावत, जी सी शर्माशर्मा, आर एस नेगी, टी के सिंह सुरेन्‍द्र कुमार,,विनीत सिंह, श्‍याम वर्मा, मनीष रावत,  आदि मौजूद थे।

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