रिपोर्ट प्रभु पाल सिंह रावत जैसे कि हमारी संस्कृति में देवी देवताओं को स्मरण करने का प्रचलन आदि काल से चलता आ रहा है।अभी इस 15 मार्च से 14 अप्रैल तक गढ़वाल, कुमाऊँ परिक्षेत्र में चैत्र मास के दिनों में छलभूत, मसाण, भूत पिचाश, घर भूत आदि पूजा कार्यों के लिए मुर्गा की जरूरत होती […]Continue Reading





