Home उत्तराखंड देहरादून राजधानी देहरादून में हुई “बिजनेस उत्तरायणीं” की शानदार शुरुआत
देहरादून

राजधानी देहरादून में हुई “बिजनेस उत्तरायणीं” की शानदार शुरुआत

Report- VOICE OF MOUNTAINS DEHRADUN

रविवार दिनांक 20 नवंबर 2022 को देहरादून के मनोरम क्षेत्र सहस्त्रधारा रोड पर स्थित चाणक्य डिफेंस कॉलेज में हिमालयन रिसोर्सेज इनहैंसमेंट सोसायटी द्वारा बिजनेस उत्तरायणीं देहरादून का सफल आयोजन किया गया । कार्यक्रम में 100 से अधिक छोटे बड़े व्यवसायियों, उद्यमकर्ताओं और सामाजिक व्यक्तित्वों ने भाग लिया । आयोजन की थीम “प्रोफेशनल रिवर्स माइग्रेशन और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट इन उत्तराखंड” थी । उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु आयोजकों द्वारा दिल्ली, बेंगलुरु, फरीदाबाद, मानिला अल्मोड़ा, रानीखेत भिकियासैंण, मंथन (2) और कई वेबिनार्स आयोजित किए जा चुके हैं ।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई जिसमें ओएनजीसी में जीएम श्री डी एस भंडारी जी, कर्नल डिमरी जी, प्रसिद्ध व्यवसायी श्री चंद्र बल्लभ टम्टा जी, उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील उनियाल जी, पर्यटन विभाग में अतिरिक्त निदेशक डॉ पूनम पांडे जी, SGRRU के प्रोफेसर संजय पोखरियाल जी, इत्यादि ने अपने कर कमलों से दीप प्रज्वलित किया । साथ ही देहरादून मीट की पत्रिका का भी लोकार्पण किया ।तत्पश्चात सभी उपस्थित व्यक्तित्वों ने स्वयं का परिचय करवाया ।

ONGC GM HR और बिजनेस उतरायणी के मार्गदर्शक श्री डी एस भंडारी जी ने सभी आगंतुकों और प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा आयोजन के लक्ष्यों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला ।

युवा उद्यमी और उत्तराखंड इंडस्ट्रियल डिवेलप वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुनील उनियाल जी ने व्यापार मंडलों और उद्यमियों द्वारा आपस में एकजुट हो उत्तराखंड में बेहतर व्यापार और नए प्रयासों हेतु सहयोग पर अपने विचार दिए तथा और बेहतर योजनाओं का उल्लेख किया । हिम शक्ति के कुछ उत्पादों का भी लोकार्पण किया गया ।

आर्किटेक्ट विनय सिंह जी ने हवाई साहसिक खेलों और ग्रामीण पर्यटन में युवाओं की भागीदारी पर अपने विचार दिए । कुछ संबंधित वीडियो भी दिखाए ।

पौड़ी गढ़वाल से पहुंचे सुप्रसिद्ध भलू लग्द / फील गुड के प्रणेता सुधीर सुंद्रियाल जीने पहाड़ में बंजर खेतों की आबादी और उद्यानीकरण के प्रयासों पर शानदार कार्य योजनाओं से सभी को अवगत कराया । उत्तराखंड में बागवानी से एक समृद्धि और संरक्षित समाज निर्माण के लक्ष्य को भी सांझा किया ।

पर्यटन विभाग में अतिरिक्त निदेशक डॉ पूनम चंद जी ने पर्यटन विभाग कि कई योजनाओं और सफल गतिविधियों के संबंध में प्रेजेंटेशन दिखाई गई। साथ ही उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में किसी भी प्रकार की योजना या नव प्रयासों को स्वतंत्र आमंत्रण भी दिया ।

मसूरी से सोहम संग्रहालय के निदेशक श्री समीर शुक्ला जी ने कला संस्कृति को संवर्धन और स्थानीय कला उत्पादों को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थान दिलाने के महत्व और कार्यप्रणाली पर अपने विचार रखे ।

खादी ग्रामोद्योग की देहरादून अधिकारी डॉ अलका पांडे जी ने छोटे व्यवसायों को शक्ति प्रदान करने तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं को जरूरतमंद उद्यमियों तक पहुंचाने के विभागीय प्रयासों पर प्रकाश डाला । साथ ही 18 वर्षीय प्रिंसी वर्मा तथा डॉ बीना भदौरिया जी द्वारा भी अपने प्रोजेक्ट्स की जानकारी साझा की गई ।

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के उत्तराखंड राज्य प्रमुख डॉ प्रदीप मेहता जी ने सतत विकास लक्ष्यों और समाज में उद्यमिता तथा स्वरोजगार द्वारा नई जागृति की भूमिका पर विशेष प्रकाश डाला गया । स्वरोजगार हेतु युवाओं द्वारा पहल किए जाने और स्थापित व्यवसायियों द्वारा उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रयास करने का विचार प्रकट किया ।

वरिष्ठ मार्गदर्शक डॉ कर्नल डिमरी और प्रसिद्ध उद्यमी श्री चंद्र बल्लभ टम्टा जी द्वारा सभी का आयोजन समिति की ओर से आभार व्यक्त किया गया और इस प्रकार के आयोजन निरंतर करवाने सुझाव दिया । कार्यक्रम में किसी कारण न पहुंच पाने पर राज्य कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी और राज्य कैबिनेट मंत्री श्री चंदन राम दास जी ने शुभकामना संदेश भेजे ।

अंततः चाणक्य डिफेंस कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री देव नागर जी ने समस्त आगंतुकों और सहयोगियों का धन्यवाद किया तथा कार्यक्रम का समापन एवार्ड ऑफ ऑनर और एवार्ड ऑफ अप्रिशिएशन के सम्मान पत्रों के साथ किया गया ।

आयोजन समिति में नीरज बवाड़ी, भुवन हराड़ी, शेखर मैथानी, गिरीश बवाड़ी, हरीश जोशी, विनोद मधवाल, अनु पंत, संजय बिष्ट तथा जीवन चंद्र जी ने विशेष भूमिका निभाई ।

अन्‍य खबरो के लिए हमारे युटयुब चैनल को सबस्‍क्राईब करे शेयर करे                                                 https://www.youtube.com/channel/UCVCkmiPBWlGDz-Vyi8c2Xlg

फेसबुक पेज https://www.facebook.com/groups/voiceofmountains

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

देवभूमि कार्ड नहीं,सशक्त भू-कानून और मूल निवास का अधिकार चाहिए : उत्तराखण्ड क्रान्ति दल

देहरादून। उत्तराखण्ड में जमीनों की धड़ल्ले से हो रही खरीद-फरोख्त पर विवाद का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया प्रकरणों के सार्वजनिक होने के बाद उत्तराखण्ड क्रान्ति दल एक बार फिर इस गंभीर मुद्दे पर मुखर हो गया है। कचहरी रोड स्थित केंद्रीय कार्यालय में भू-कानून और सरकार के प्रस्तावित ‘देवभूमि कार्ड’ को लेकर पार्टी की महत्वपूर्ण मंथन बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित ‘देवभूमि कार्ड’ की अवधारणा, प्रदेश में लगातार हो रही जमीनों की खरीद-फरोख्त तथा मूल निवासियों के अधिकारों से जुड़े गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत, स्पष्ट और प्रभावी भू-कानून की आवश्यकता है। सरकार जिस प्रकार ‘देवभूमि कार्ड’ की व्यवस्था लागू करने की बात कर रही है, वह प्रदेश की मूल समस्या का समाधान नहीं है। इससे उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के संवैधानिक, सामाजिक और भूमि संबंधी अधिकारों को वह संरक्षण नहीं मिलेगा जिसकी आज आवश्यकता है। उत्तराखण्ड क्रान्ति दल के मूल निवास भू-कानून प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लूशुन टोडरिया ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बाहरी व्यक्तियों एवं प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से खुलेआम जमीन खरीदने और बेचने के विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे हैं। यह स्थिति उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, जनसांख्यिकीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। टोडरिया ने आरोप लगाया कि इन गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के बजाय राज्य सरकार उदासीन रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पौड़ी जिले के सबदरखाल में 144 नाली जमीन बिकने का मामला सामने आया है, उससे स्पष्ट होता है कि उत्तराखण्ड सरकार का भू-कानून जमीनों की बेतहाशा खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भू-कानून भी भू माफियाओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया प्रतीत होता है। टोडरिया ने उत्तराखण्ड सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही प्रदेश में जमीनों की इस बेतहाशा खरीद-फरोख्त पर रोक नहीं लगाई गई तो आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तराखण्ड क्रान्ति दल गांव-गांव जाकर सरकार की इस हिमालय विरोधी सोच और उसकी भू-कानून नीति की पोल जनता के सामने खोलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जमीन को बाजार बनने नहीं दिया जाएगा और इस लड़ाई को निर्णायक स्तर तक ले जाया जाएगा। केंद्रीय महामंत्री सेवानिवृत्त कर्नल देवरानी ने कहा कि जहां प्रदेश की जनता उत्तराखण्ड सरकार से मूल निवास प्रमाण-पत्र की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार ‘देवभूमि कार्ड’ बनाकर 15 साल के निवास के आधार पर निवास प्रमाण-पत्र देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उत्तराखण्ड के मूल निवासियों के अधिकारों पर सीधा हमला है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह प्रदेश के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा करना चाहती है या बाहरी लोगों के लिए स्थायी बसावट का रास्ता आसान करना चाहती है।...

दून लाइब्रेरी एवं रिसर्च सेंटर में “क्लाइमेट चेंज – बच्चों की नजर से” कार्यक्रम का सफल आयोजन।

रिपोर्ट विक्रम पटवाल देहरादून मे अब गौरय्या कम दिखती है लाल बासमती...

देहरादून- उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश कमेटी की बैठक।

आज दिनांक 20 जुलाई 2026 को उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की...