पावन कला धाम में सजे कविता के रंग, सूफी गीत-संगीत ने बांधा समां
नोएडा, 28 सितंबर। पावन कला धाम के तत्वावधान में गीत-संगीत एवं काव्य संध्या का आयोजन किया गया। सेक्टर-93 स्थित एक्सप्रेस व्यू अपार्टमेंट के स्टूडियो में आयोजित संस्था की सातवीं मासिक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक बैठक में नोएडा के कवियों और साहित्यकारों ने आध्यात्म, देशभक्ति, हास्य, श्रृंगार और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।
कार्यक्रम में कवि देवेंद्र शर्मा ‘देव’ ने इंसान के हालात और उसकी बेबसी को अपनी कविता के माध्यम से अभिव्यक्त करते हुए कहा—
“इंसान को आज तलक कौन बदल पाया है, ख्वाहिशें सबके हालात बदल देती हैं।”
कवयित्री अनुजा भट्ट ने “मैं ताप में जलना चाहती हूं और ताप में भी जीना चाहती हूं” कविता के माध्यम से नारी शक्ति और उसके संघर्ष को स्वर दिया। वहीं युवा कवयित्री स्वाती शर्मा ने “कैसे सजन मैंने रैन बिताई रे” के माध्यम से नायिका के मन की विरह-वेदना को भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत किया।
कवि कुमार पंकज ने “झाग” कविता के जरिए मनुष्य के एकाकीपन और उसकी आंतरिक संवेदनाओं को शब्द दिए। कवि एवं गजलकार आलोक अविरल ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। वहीं कवयित्री सविता सिंह ‘शमा’ ने “किसी से ना मुझको कोई गिला है, मगर मुझको मुझसा ना कोई मिला है” सुनाकर खूब तालियां बटोरीं।
कवि सतीश ने अपनी कविता के माध्यम से वर्तमान समय के इंसान को मर्यादा और आदर्शों का संदेश देते हुए कहा—
“आसान नहीं दर्शन पुरुषोत्तम श्रीराम के, पहले भरत बनोगे तुम, तब दर्शन होंगे राम के।”

काव्य संध्या की अध्यक्षता सेवानिवृत्त तहसीलदार एवं समाजसेवी श्रीमान वर्मा ने की, जबकि मंच का संचालन डॉ. अटल मुरादाबादी ने किया।
कार्यक्रम में गीत-संगीत की युगल जोड़ी कुमार पंकज एवं सुमन गुप्ता ने सूफी गीतों और भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। उनके गीत-संगीत ने साहित्यिक संध्या को और भी यादगार बना दिया।
पावन कला धाम की संस्थापिका अनुराधा शर्मा ने कहा कि नोएडा की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को समृद्ध करने के उद्देश्य से संस्था द्वारा प्रत्येक माह इस प्रकार के आयोजन किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि संस्था के सातवें मासिक आयोजन में अर्पित मिश्रा ने मुख्य अतिथि तथा इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक आलोक अविरल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. प्रदीप कुमार वेदवाल, शिखा खरे, भारतीय धरोहर के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण शर्मा, सुनील दत्त शर्मा, रक्षा त्रिपाठी, दिनेश सिंह रावत सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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