Home उत्तराखंड चमोली प्रौद्योगिकी संस्थान गोपेश्वर में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की जयंती मनाई गई।
चमोली

प्रौद्योगिकी संस्थान गोपेश्वर में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की जयंती मनाई गई।

रिपोर्ट लोकेन्‍द्र रावत

आज दिनांक 10 सितम्बर 2025 को प्रौद्योगिकी संस्थान, गोपेश्वर में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. अमित अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर निदेशक महोदय ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और कुशल प्रशासक थे। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पंडित पंत जी के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।
कार्यक्रम के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न शाखाओं के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
• भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रियंशु जोशी, द्वितीय स्थान सपना तथा तृतीय स्थान अनिकेत धीमान ने प्राप्त किया।
• पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आयेशा नूर, द्वितीय स्थान संध्या रावत तथा तृतीय स्थान आर्यन ने प्राप्त किया।
सभी विजेताओं को संस्थान के निदेशक महोदय द्वारा पुरस्कृत किया गया।

मंच का संचालन श्री अमित कुमार (वरिष्ठ तकनीकी सहायक, विद्युत विभाग) द्वारा किया गया।

इस अवसर पर संस्थान के डीन छात्र कल्याण श्री अरुण नेगी, कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष श्री वरुण प्रभाकर , विभागाध्यक्ष विद्युत विभाग श्री अभिषेक अग्रवाल, फैकल्टी श्रीमती मीनू चिनवान ,कर्मचारी श्री वीरेंद्र सिंह, श्री पंकज तिवारी, श्री आशीष ध्यानी, श्री रघुवीर सिंह भंडारी, श्री मनीष नेगी भी उपस्थित रहे।

Related Articles

दशोली-सेवा,सुशासन एवं समर्पण पखवाड़ा :बहुद्देशीय जनकल्याण शिविर में 600 से अधिक लोगों ने लिया लाभ!

चमोली, 21 जुलाई 2026 (सू.वि.) रिपोर्ट कमलेश पुरोहित 22 जनशिकायतों में से...

ग्वालदम में बहुउद्देशीय सेवा एवं जनकल्याण शिविर आयोजित, विभिन्न विभागों की योजनाओं का मिला लाभ

रिपोर्ट कमलेश पुरोहित चमोली जनपद में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण सप्ताह’ के...

‘दशोली में बहुउद्देशीय सेवा एवं जनकल्याण शिविर, 174 लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ

रिपोर्ट कमलेश पुरोहित चमोली, 09 जुलाई, 2026 (सू.वि. ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण...