Home उत्तराखंड देहरादून देहरादून-भारतीय मजदूर संघ प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से शिष्टाचार भेंट की।
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देहरादून-भारतीय मजदूर संघ प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से शिष्टाचार भेंट की।

भारतीय मजदूर संघ, उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री श्री सुमित सिंघल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों में कार्यरत श्रमिकों कर्मचारियों की लंबित एवं ज्वलंत समस्याओं से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौंपा। माननीय मुख्यमंत्री जी ने सभी बिंदुओं पर गहनता से चर्चा करते हुए उन्हें गंभीरतापूर्वक संज्ञान में लिया तथा शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। संगठन ने मुख्यमंत्री जी के इस सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि प्रदेश के श्रमिक एवं कर्मचारी राज्य की प्रशासनिक, औद्योगिक एवं सेवा व्यवस्थाओं की आधारशिला हैं।

सिडकुल, आशा, आंगनवाड़ी, परिवहन, चीनी उद्योग, स्थानीय निकाय, सरकारी, अर्ध सरकारी विभागों, विभिन्न निगमों सहित अनेक विभागों में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लंबे समय से मानदेय, वेतन, सेवा-सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

प्रमुख मांगों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है-
1. आशा फैसिलिटेटरों की मांगें
25 दिवस की मोबिलिटी के स्थान पर 30 दिवस का निश्चित मानदेय।
स्टेशनरी भत्ता एवं यात्रा भत्ता प्रदान किया जाए।
पी.एल.ए., वी.एच.एस.एन.सी. एवं महिला आरोग्य समिति बैठकों का मानदेय ₹100 से बढ़ाकर ₹800 प्रति बैठक किया जाए।
2. आशा कार्यकर्ताओं की ज्वलंत मांगें
आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा।
मानदेय ₹18,000 प्रतिमाह निर्धारित किया जाए।
सेवा समाप्ति पर ₹10 लाख की एकमुश्त राशि एवं ₹5 लाख का जीवन बीमा।
3. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगें
अन्य राज्यों (हरियाणा, मध्यप्रदेश आदि) के अनुरूप मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि।
पोषाहार वितरण स्थानीय उत्पादों पर आधारित हो तथा गुजरात–तमिलनाडु से आयातित निम्न गुणवत्ता वाला पोषाहार बंद किया जाए।
पोषण ट्रैकर हेतु मोबाइल रिचार्ज राशि ₹350 प्रतिमाह बढ़ाई जाए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
4. विनियमितीकरण एवं निगम कार्मिकों की मांगें
विनियमितीकरण नियमावली–2013 की कट-ऑफ तिथि बढ़ाकर दिसम्बर 2025 की जाए।
गढ़वाल मंडल विकास निगम एवं उत्तराखण्ड परिवहन निगम में सप्तम वेतनमान के अनुरूप HRA।
ACP व्यवस्था शीघ्र लागू की जाए।
5. उत्तराखण्ड परिवहन निगम के अल्पवेतनभोगी कर्मचारियों की मांगें
विशेष श्रेणी के चालक, परिचालक एवं तकनीकी कार्मिकों को नियमितीकरण में सम्मिलित किया जाए।
कट-ऑफ तिथि दिसम्बर 2025 तक बढ़ाई जाए।
वरिष्ठता 01 जनवरी 2014 से पूर्व की नियुक्ति के आधार पर निर्धारित हो।
6. चीनी मिल कर्मकारों की मांगें
विगत दस माह से लंबित पूर्ण वेतन भुगतान शीघ्र सुनिश्चित किया जाए।
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार वेतन बोर्ड का गठन कर एकपक्षीय शासनादेश दिनांक 12.06.2018 निरस्त किया जाए।
शासनादेश 29.12.2016 के अनुसार पुनरीक्षित वेतनमान बहाल किया जाए।
7. स्थानीय निकाय कर्मचारियों की मांगें
सामूहिक बीमा (ग्रुप इंश्योरेंस) तत्काल पुनः लागू किया जाए।
ठेका प्रथा एवं आउटसोर्सिंग समाप्त कर स्थायी नियुक्ति।
पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ।
8. श्रम कानूनों के उल्लंघन से जुड़े विषय
सिडकुल क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, ईएसआईसी, पीएफ का कड़ाई से अनुपालन।
श्रम कार्यालयों में लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण एवं दोषी प्रबंधनों पर दंडात्मक कार्रवाई।
थर्ड पार्टी एवं विभागीय निरीक्षणों में पूर्ण पारदर्शिता।
9. प्रदेश स्तरीय मांग
मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में सभी विभागों के सचिवों के साथ उच्च स्तरीय बैठक।
आउटसोर्स कर्मचारियों को समस्त वैधानिक सुविधाएं।
इंजीनियरिंग उद्योग में न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण।

बैठक के दौरान संगठन द्वारा संविदा श्रमिकों के 10 वर्ष पूर्ण करने पर नियमितीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने तथा न्यूनतम वेतन में 25% वृद्धि के निर्णय पर माननीय मुख्यमंत्री जी का अभिनंदन एवं आभार भी व्यक्त किया गया।
माननीय मुख्यमंत्री जी के आश्वासन एवं सकारात्मक हस्तक्षेप से प्रदेश के श्रमिकों में नई आशा एवं विश्वास का संचार हुआ है। भारतीय मजदूर संघ, उत्तराखण्ड सरकार को हर संभव सहयोग प्रदान करने हेतु सदैव तत्पर है और अपेक्षा करता है कि शीघ्र ठोस निर्णयों के माध्यम से श्रमिक कल्याण एवं औद्योगिक शांति सुनिश्चित की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से
भारतीय मजदूर संघ उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री सुमित सिंघल, उपाध्यक्ष श्री अजय कान्त शर्मा, उपाध्यक्ष श्रीमती गंगा गुप्ता, कोषाध्यक्ष श्री पदम सिंह धमान्दा, सह-प्रचार प्रमुख श्री अनिल मौर्य, उत्तराखण्ड स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ के महामंत्री श्री अरविन्द पवार, आशा फैसिलिटेटर संगठन की महामंत्री श्रीमती रेनू विष्ट तथा उत्तरांचल चीनी मिल मजदूर संघ के महामंत्री श्री राम मिलन उपस्थित रहे।

आप सभी को अंंग्रेजी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाऐं।

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