
*दिनांक 28 सितंबर, देहरादून।*
आज विभिन्न सामाजिक एवं जन-संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता और युवा क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के रायपुर स्थित कार्यालय पहुँचे और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अधिकारियों से मुलाकात की। रायपुर स्टेडियम में 01 अक्टूबर को प्रस्तावित मासूम शर्मा के कार्यक्रम को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने अपना विरोध दर्ज कराया।
मोहित डिमरी ने कहा कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड एक ऐसे गायक को हरियाणा से उत्तराखंड प्रीमियर लीग में बुला रहा है, जिसने कुछ समय पहले उत्तराखंड आकर देहरादून के एक कॉलेज के कार्यक्रम में कथित रूप से गाली-गलौज की, धमकियाँ दीं और उत्तराखंड के युवाओं तथा लड़कियों-महिलाओं के लिए महिला-विरोधी एवं भद्दी गालियों का प्रयोग किया।
मोहित डिमरी ने कहा कि हमारा किसी प्रदेश के कलाकार का विरोध नहीं है। उत्तराखंड में सभी कलाकारों का स्वागत है, लेकिन मासूम शर्मा के गानों में हिंसा, गन कल्चर, गालियों और फूहड़ता की भरमार रहती है। वह जिस तरह की हिंसात्मक संस्कृति का प्रचार करता है, उसकी उत्तराखंड में कोई जगह नहीं है।
उन्होंने कहा कि आज पंजाब और हरियाणा में कुछ कलाकारों द्वारा हिंसा और गन कल्चर के प्रचार के कारण वहाँ का संगीत उद्योग भी इस तरह की हिंसा से प्रभावित हो रहा है और आए दिन वहाँ गायकों एवं कलाकारों की हत्या की खबरें सामने आती हैं। उत्तराखंड में इस तरह की हिंसात्मक और गन कल्चर की प्रवृत्ति को पनपने नहीं दिया जाएगा और ऐसी संस्कृति का प्रचार करने वाले कलाकारों का विरोध किया जाएगा।
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मोहित डोभाल के माध्यम से क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष दीपक मेहरा को ज्ञापन सौंपकर 01 अक्टूबर को प्रस्तावित मासूम शर्मा के कार्यक्रम को तत्काल रद्द करने की माँग की गई।
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को चेतावनी दी गई कि यदि आज शाम तक मासूम शर्मा के कार्यक्रम को रद्द करने की घोषणा नहीं की गई, तो 01 अक्टूबर को उत्तराखंड के हजारों युवा, महिलाएँ और सामाजिक कार्यकर्ता रायपुर स्टेडियम पहुँचकर कार्यक्रम के विरोध में बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से मोहित डिमरी, आशीष नौटियाल, कनिष्क जोशी, आर. पैन्यूली, गगन बौड़ाई, अक्षय पुरोहित आदि कार्यकर्ता शामिल थे।

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