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दिल्‍ली-80 साल बाद भी विकास से कोसों दूर उत्तराखंड: उक्रांद ने स्वतंत्रता दिवस पर सरकारों को घेरा

नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद), दिल्ली प्रदेश द्वारा स्वतंत्रता दिवस का पर्व अल्मोड़ा भवन में उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में पूर्व एवं वर्तमान पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने मंगल पांडे, महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित देश के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले सभी क्रांतिकारियों को याद किया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान आम पार्टी का भी आयोजन किया गया। साथ ही वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का संचालन संगठन मंत्री डॉ. खीमानंद जी ने किया।
राष्ट्रीय दलों की राजनीति पर उक्रांद का निशाना
राज्य आंदोलनकारी सतेंद्र सिंह रावत ने कहा कि देश को आजाद हुए 80 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन उत्तराखंड आज भी राष्ट्रीय दलों की राजनीति का शिकार बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को उत्तर प्रदेश से अलग हुए 26 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन परिसंपत्तियों का बंटवारा आज तक पूरी तरह नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता आज भी सड़क, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेश जोशी ने वर्तमान सरकारों पर उत्तराखंड की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि “80 वर्ष बाद भी विकास उत्तराखंड से कोसों दूर है।” उन्होंने कहा कि राज्य गठन के वर्षों बाद भी पहाड़ों की मूल समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी प्रताप सिंह साही ने कहा कि उक्रांद की लहर एक बार फिर बन रही है और पार्टी को अब तेजी से गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचना होगा। उन्होंने दिल्ली प्रदेश में एक लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा।
केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं प्रभारी प्रवासी प्रकोष्ठ कुंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी उत्तराखंड के लोग स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, महिला सुरक्षा और मूल निवास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर उक्रांद लगातार जनता के बीच आवाज उठाता रहेगा।
नोएडा महानगर अध्यक्ष कैलाश सती ने देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले भारतीय सैनिकों को नमन करते हुए उन्हें दंडवत प्रणाम किया।
शहीदों के सपनों का भारत बनाना हमारा दायित्व: चंद्र सिंह रावत
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष चंद्र सिंह रावत ‘स्वतंत्र’ ने स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश के वीरों ने जिस भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना होगा।
उन्होंने कहा कि भारत आज भी विकासशील देश है और इसे विकसित राष्ट्र बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राष्ट्रहित और उत्तराखंड के हितों को सर्वोपरि रखते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यालय सचिव हिमांशु शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड की वीर सैन्य परंपरा का देश के इतिहास में विशेष स्थान है। उन्होंने बताया कि देश के प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा और प्रथम महावीर चक्र विजेता राइफलमैन जसवंत सिंह रावत दोनों का संबंध उत्तराखंड से रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की वीरभूमि ने देश को अनेक वीर सैनिक दिए हैं और उनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान उक्रांद दिल्ली प्रदेश को आर्थिक एवं संगठनात्मक रूप से मजबूत करने तथा आने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी की भूमिका को प्रभावी बनाने को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ धनबल, जनबल और संगठनात्मक संसाधनों को बढ़ाना आवश्यक है।
बैठक में दिल्ली प्रदेश में सदस्यता अभियान को तेज करने, अधिक से अधिक उत्तराखंड प्रवासियों को संगठन से जोड़ने, नियमित बैठकें आयोजित करने तथा पार्टी की विचारधारा और उत्तराखंड के मूल मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों में उत्तराखंड क्रांति दल को उत्तराखंड की राजनीति में मजबूत और प्रभावी राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव तक संगठन का विस्तार करने, स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने, युवाओं और महिलाओं को पार्टी से जोड़ने तथा जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में यह भी कहा गया कि उत्तराखंड के जल, जंगल, जमीन, रोजगार, पलायन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, मूल निवास और स्थानीय युवाओं के अधिकार जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर पार्टी को जनता के बीच मजबूती से अपनी बात रखनी होगी।
वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव उक्रांद के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इसके लिए अभी से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, जनता के बीच निरंतर संपर्क बढ़ाने और एक स्पष्ट राजनीतिक एवं विकासात्मक एजेंडे के साथ चुनावी मैदान में उतरने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में श्री मुकेश बिष्ट जी, अमित थपलियाल, मुकेश गुसाईं , सुभाष जोशी जी, प्रवीण बिष्ट, हिमांशु शर्मा , सतेंद्र रावत, बिमल सजवाण, सतेंद्र सिंह रावत राज्य आंदोलनकारी, जगदीश थपलियाल राज्य आंदोलनकारी, श्री एस पी गौर , श्री दिनेश जोशी, राज्य आंदोलनकारी श्री प्रताप साही जी , कुंदन सिंह बिष्ट, चंद्र सिंह रावत स्वतंत्र, डॉ खीमानंद सती, किशोर कबडवाल , कैलाश सती ,प्रकाश जलाल, सुरेश रावत, चंद्र प्रकाश जोशी, बचन सिंह अधिकारी एडवोकेट राकेश बिंजोला, दलजीत सिंह, राहुल रावत हरक सिंह, कृपाल रावत, नेत्र सिंह नेगी जी सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।।

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