Home उत्तराखंड देहरादून देहरादनू-कहानी संकलन दस कथाकर दस कहानियां का हुआ गुनियाल गाँव इंटर कॉलेज में विमोचन
देहरादून

देहरादनू-कहानी संकलन दस कथाकर दस कहानियां का हुआ गुनियाल गाँव इंटर कॉलेज में विमोचन

रिपोर्ट विक्रम पटवााल

बच्चों को साहित्य से जोड़ने के लिए उनके पास जाना होगा- जितेन्द्र शर्मा

बच्चों के लिए कहानी संकलन दस कथाकर दस कहानियां का हुआ गुनियाल गाँव इंटर कॉलेज में विमोचन

बच्चों के लिए रचे जा रहे साहित्य को उन तक ले जाने के लिए कोना कक्षा का-धाद ने इंटर कॉलेज गुनियाल गाँव मे कहानी संकलन का विमोचन और संवाद का आयोजन किया।
कोना किताब का प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक में उत्तराखंड के दस प्रतिष्ठित कथाकरों द्वारा बच्चों के लिए लिखी गयी कहानी संकलित की गयी हैं। आयोजन का विचार पक्ष रखते हुए कोना कक्षा का के मुख्य संयोजक गणेश चंद्र उनियाल ने कहा कोना कक्षा का ने अपनी स्थापना के साथ देश दुनिया का श्रेष्ठ साहित्य सार्वजनिक शिक्षा के साथ जुड़े स्कूलों मे भिजवाने की पहल की है। इसको स्थानीय संदर्भ देते हुए उत्तराखंड
के कथाकारों के द्वारा बच्चों के लिये लिखी गयी कहानियाँ इसमें संकलित की गयी हैं। किताब की संपादक डॉ विद्या सिंह ने कहा किताब की कहानियाँ केवल शिक्षा भर नहीं बल्कि जीवन के अलग अलग पक्ष को ध्यान में रख कर संकलित की गयी हैं। जिसमें जीवन का विस्तृत अनुभव सब को मिलेगा।
प्रबंध संपादक कल्पना बहुगुणा ने कहा उन्होंने प्रयास किया है कि पुस्तक मे ऐसी कहानियों को स्थान मिले जो बच्चों की कल्पना शक्ति को प्रोत्साहित करे और उनमें नैतिकता, दोस्ती, और सामूहिकता के गुणों को विकसित करने में सहायक हों।

इस अवसर पर स्कूल के बच्चों ने कहानी की समीक्षा और पाठ किया।
सदाशिव का न्याय की समीक्षा स्कूल की छात्रा संगीता ने की। कहानी का पक्ष रखते हुए डॉ जयवन्ति डिमरी बताती हैं कि परिवार में माता पिता और बच्चों में अक्सर विभेद पैदा होते हैं ऐसे मे संवाद और मनोविज्ञान को समझने से परिवार बेहतर बनते हैं।
सुरेन्द्र सेमलटी की कहानी पड़ोसी की समीक्षा मनीषा ने की। कहानी का विचार रखते हुए लेखक ने कहा उनकी कहानी आपसी सदभाव और परस्परता को लेकर मकड़ी और मधुमक्खी के बिम्ब के साथ अपनी बात कहती है।
डॉ आशा रावत की कहानी भूचाल की समीक्षा कल्पना ने की कहानी का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों की कहानी सरल रोचक हो लेकिन जो भी सीख हो खेल खेल में हो। आपदा पर केंद्रित उनकी कहानी एक बच्चे की शिक्षा की यात्रा पर केंद्रित है।
जीतेन्द्र शर्मा की कहानी उसका आसमान की समीक्षा भूमिका ने की। लेखक ने बताया कि उनकी कहानी परिवार के अंतरसम्बन्धो पर है बच्चे उनके करियर और परिवार की बात कहते हैं।

बच्चों ने जीतेन ठाकुर, बल्लभ डोभाल, देवेन्द्र मेवाड़ी, सुरेश उनियाल, शमा खान, डॉ दिवा भट्ट की कहानियो की समीक्षा भी की।
कार्यक्रम का संचालन कोना कक्षा का की संयोजक आशा डोभाल ने किया इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य सुनील जोशी ने स्कूल को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना बहुत जरुरी है इसलिए यह आयोजन विशिष्ट है इस अवसर पर शिक्षक संजय उनियाल, डॉ. मनोरमा नौटियाल, राघवेंद्र वर्मा, जयंती उनियाल, साक्षी कुकरेती, प्रदीप सती, कल्पत चौहान, निर्मल रावत, रमणीता सिंह, अंजना चौहान, दीपमाला भारती, बबीता बहुगुणा, सोनल शर्मा, तन्मय ममगाईं, ममता डोभाल, शुभम शर्मा मौजूद रहे!

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