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उत्तराखंड क्रांति दल ने नशे के खिलाफ निकाली रैली, देवभूमि को नशामुक्त करने का संकल्प

देहरादून उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) द्वारा राज्य में बढ़ते नशे के खिलाफ एक जोरदार जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का नेतृत्व किरण रावत कश्यप ने किया। इस अवसर पर दल के वरिष्ठ नेता बहादुर सिंह रावत, शकुंतला रावत, मीनाक्षी घिल्डियाल, नैना लखेरा सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

रैली को संबोधित करते हुए संगीता बहुगुणा ने कहा कि नशे ने हमारी आने वाली पीढ़ियों को बर्बादी की ओर धकेल दिया है। युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं, जो देवभूमि उत्तराखंड के भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो इसके परिणाम बेहद घातक होंगे।

रैली के दौरान किरण रावत कश्यप ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान नीतियों के चलते देवभूमि को नशाभूमि में बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल ने इसके खिलाफ मुहिम छेड़ दी है और नशे के कारोबार के विरुद्ध सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।

दल की पूर्व संगठन मंत्री नैना लखेरा ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड क्रांति दल नशे की खिलाफत करता है और सरकार से मांग करता है कि नशे को बढ़ावा देने की बजाय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी ही नशे की सबसे बड़ी वजह बन रही है, जिस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

रैली में उषा रमोला, सरोज रावत, शोभा रावत, आनंद कोठारी, गिरीश कोठारी, कपिल कुमार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

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