Home उत्तराखंड देहरादून उत्तराखण्ड राज्य के शिक्षकों को चतुर्थ ‘उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा प्रसार सम्मान’ 2024-25 से सम्मानित किया
देहरादून

उत्तराखण्ड राज्य के शिक्षकों को चतुर्थ ‘उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा प्रसार सम्मान’ 2024-25 से सम्मानित किया

रिपोर्ट  प्रभुपाल सिंह रावत

उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र (यूसर्क) द्वारा दिनांक 28 सितम्बर 2024 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अध्यापक कॉन्क्लेव 2024- 25 का आयोजन किया। यह सम्मान समारोह देहरादून स्थित आई0आर0डी0टी0 सभागार में किया गया। जनपद देहरादून के कालसी ब्लॉक के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपाया में कार्यरत अध्यापक श्री राजमोहन सिंह रावत को कार्यक्रम में प्रतिष्ठित उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा प्रसार सम्मान 2024 से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर यूसर्क की निदेशक प्रो0 (डा0) अनीता रावत ने अपने संबोधन में कहा कि यूसर्क द्वारा राज्य के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिये विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियां पूरे प्रदेश में लगातार विभिन्न शिक्षण एवं शोध संस्थानों के साथ मिलकर सम्पादित की जा रही हैं। यूसर्क ने IISER मोहाली और अन्य संस्थानों के साथ MOU साइन किया है अब यूसर्क इन संस्थानों में उत्तराखंड के छात्राओं और शिक्षकों को प्रशिक्षण हेतु भेजेगा।
यूसर्क द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में विज्ञान शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा सामाजिक अन्वेषण के क्षेत्र में विशिष्ट एवं अनुकरणीय कार्य करने वाले उत्तराखण्ड राज्य के शिक्षकों को चतुर्थ ‘उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा प्रसार सम्मान’ 2024-25 से सम्मानित किया गया है। प्रौद्योगिकी आधारित विज्ञान शिक्षा में देहरादून के अध्यापक श्री राजमोहन सिंह रावत को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया। उनके साथ पूरे राज्य से आए 8 अन्य राजकीय शिक्षकों को उत्तराखंड के वित्त मंत्री श्री प्रेम चंद अग्रवाल और शिक्षा महानिदेशक सुश्री झरना कमठान और यूसर्क के निदेशक डॉ अनिता रावत ने इन चयनित अध्यापकों को सम्मानित किया। सम्मान के प्रशिष्टि पत्र, शाल, मुमेंटो और 11 हजार रुपए दिए।

गणित के अध्यापक श्री राजमोहन सिंह रावत मूल रूप से रिखणीखाल ब्लॉक के गौंछेंणा गांव के रहने वाले है। उनकी 12वीं तक की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज बडखेत पैनो में हुई है। उनकी इसके आगे की पढ़ाई देहरादून में हुई है और वह शिक्षण कार्य भी देहरादून में ही करते है।

वित्तमंत्री श्री अग्रवाल जी ने कहा परम्परागत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के समागम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना एवं सतत् विकास से सम्बन्धित विषयों को शिक्षकों द्वारा प्रदान किया जा रहा है। शिक्षक किसी भी समाज के लिये हमेशा आदर्श रहा है, और उनको यह सम्मान सिर्फ पहचान है उनका मानना है सम्मान इससे बड़ा होता है।

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