Home दिल्‍ली एन सी आर शास्त्रीय संगीत गायिका मीरा को संगीतात्मक श्रद्धांजलि, गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान दिल्ली ने किया आयोजन
दिल्‍ली एन सी आर

शास्त्रीय संगीत गायिका मीरा को संगीतात्मक श्रद्धांजलि, गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान दिल्ली ने किया आयोजन

दिल्ली 27 अक्टूबर,
शास्त्रीय संगीत गायिका मीरा गैरोला की चौथी पुण्यतिथि पर शास्त्रीय संगीत के गायन द्वारा उन्हें याद किया गया। मयूर पब्लिक स्कूल के सभागार में गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान दिल्ली ने शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में मीरा गैरोला के योगदान से भावी पीढ़ी को रूबरू कराने के लिए गीत-संगीत और भजनों का यह मनभावन आयोजन किया। गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान दिल्ली के अध्यक्ष रमेश चंद्र घिल्डियाल ने कहा कि ग्वालियर संगीत घराने से ताल्लुक रखने वाली शास्त्रीय संगीत गायिका मीरा गैरोला एक उच्चकोटि की लेखिका और विदुषी थी। ‘एक कलाकार की दास्तान’ और ‘मीरा’ पुस्तकों का लेखन कर मीरा ने हिन्दी साहित्य जगत में अपना योगदान दिया।

गढ़वाली,कुमाऊनी और जौनसारी अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष एम एस रावत ने कहा कि मीरा गैरोला अपने छोटे से जीवन शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में बहुत बड़ा काम करके गई हैं। इस अवसर पर मीरा गैरोला के पति सुरेंद्र गैरोला ने उत्तराखंड संस्कृत अकादमी और नंदा देवी राजजात के लिए मीरा गैरोला की संगीत सेवाओं से जुड़े संस्मरण साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ ममता गोनियाल के निर्देशन में गणेश वंदना से हुआ जिसमें कथक नृत्यांगना निकिता थपलियाल और यशवी शर्मा ने कथक नृत्य की

मनमोहक छटा बिखेरी। प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत गायिका मधु बेरिया शाह, कृपाल सिंह रावत, अंकित भंडारी,नीमा गुसाईं, सीमा भंडारी और तबलावादक सतीश मिश्रा ने अपनी संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से गायिका मीरा गैरोला को याद किया। वहीं ऑडियो मैसेज के माध्यम से शास्त्रीय संगीत की उभरती गायिका संस्कृति गैरोला ने प्रस्तुति देकर अपनी मां मीरा गैरोला के गायन की यादें फिर से ताजा कर दी। मीरा गैरोला के बड़े भाई मनोबल मैठाणी ने तबले पर प्रस्तुति देकर अपनी छोटी बहन को श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम का सफल संयोजन और संचालन वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार प्रदीप कुमार वेदवाल ने किया। इस अवसर पर डाॅक्टर राजेश्वरी कापड़ी, उप निदेशक शिक्षा दिल्ली सरकार,ब्लॉगर पूजा गुसाईं,उषा ममगाईं, कुसुम कंडवाल भट्ट, हिमालय परिवार के उदय शर्मा, लेखक एस पी गौड़,शर्मिला दत्त अमोला,पत्रकार सी एम पपनै,

गढ़वाली कवि भगवती प्रसाद जुयाल ‘गढ़देशी’, बिहारी लाल जालंधरी, पृथ्वी सिंह केदारखण्डी, रंगकर्मी बृजमोहन शर्मा वेदवाल,रंगकर्मी मनोज चंदोला, सुशील बुडाकोटी शैलांचली, गोपाल नेगी,महेन्द्र गुसाईं,अपूर्व मैठाणी,नवीन भट्ट, अनिल पंत, गीता नेगी, कुसुम बिष्ट, नीरज रावत, देवेन्द्र सजवाण, सुरेंद्र सिंह तडियाल और दर्शन सिंह रावत आदि उपस्थित थे।

Related Articles

इंडिया गेट पर गूंजे अंकिता को न्याय दो के नारे, मोहित डिमरी समेत 30 से अधिक हिरासत में

अंकिता को न्याय दिलाने और दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की...

दिल्‍ली- देव भूमि उत्तराखंड शिक्षा गौरव सम्मान 2026 से ललित ढौडिंयाल सम्‍मानित हुए।

माननीय ललित ढौडिंयाल जी को देव भूमि सांस्कृति धार्मिक समिति द्रारा शिक्षा...

नोएडा-पावन कला धाम में सजे कविता के रंग, सूफी गीत-संगीत ने बांधा समां

पावन कला धाम में सजे कविता के रंग, सूफी गीत-संगीत ने बांधा...

दिल्ली-एनसीआर में गढ़वाल हितैषिणी सभा का नया सदस्यता अभियान शुरू

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर की प्रमुख सामाजिक संस्था गढ़वाल हितैषिणी सभा, गढ़वाल भवन,...