रिपोर्ट नितेन्द्र कैंथोला कोटद्वार
कोटद्वार। हिंदू जागरण द्वारा उदयपुर में कन्हैया लाल टेलर की दुकान में घुसकर की दिनदहाड़े हत्या के संबंध में उपजिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय भारत सरकार नई दिल्ली को ज्ञापन प्रेषित किया गया।ज्ञापन में कहा गया की हिन्दू समाज आपसे निम्नलिखित मांग करता है। राजस्थान के उदयपुर शहर में एक हिन्दू युवक कन्हैया लाल टेलर की दुकान में घुसकर की दिनदहाई विशेष समुदाई के लोगों द्वारा दुकान में घुसकर गला काटकर नृशंस हत्या की गई है जो राज्य की कानून व्यवस्था को खुली चुनौती है हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लानी चाहिए। राजस्थान में जब से कांग्रेस सरकार बनी है तभी से लगातार हिन्दुओं पर हमलों की घटना हो रही है जिससे लगता है कि हिन्दुओं पर हमला करने वाले एक संप्रदाय विशेष के लोगों को राजस्थान सरकार और प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है अतः ऐसी सरकार को आपके द्वारा बर्खास्त किए जाने की आवश्यकता है,इस घटना में हत्या आरोपी खुलेआम धार्मिक नारे लगा रहे हैं और देश के प्रधानमंत्री की भी हत्या करने की खुली धमकी दे रहे हैं जोकि बहुत गंभीर बात है इन हत्यारों के पीछे कौन सी ताकते है उनका भी पर्दाफाश होना चाहिए एवं इस घटना की जांच सीबीआई या अन्य किसी केन्द्रीय एजेंसी से कराई जाए।इस घटना को अंजाम देने का उद्देश्य देश के हिन्दू समाज को भयभीत करना भी है इस घटना से देश के हिन्दू समाज में भय व्याप्त हुआ है अतः फलवा देने वाले और हिन्दू समाज को धमकी देने वाले जेहादी मानसिकता के लोगों के खिलाफ देश में कड़े कानून बनाने की जरूरत है। मृतक ने पुलिस प्रशासन से घटना से काफी पहले ही सुरक्षा मांगी थी और बताया था कि उसे जान से मारने की धमकी मिल रही है इसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन ने उसे सुरक्षा नहीं दी ना ही धमकी देने वाले हत्यारों के खिलाफ पूर्व में कोई कार्यवाही की ऐसे पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।प्रकार की घटना देश के शातिप्रिय हिन्दू समाज के धैर्य की परीक्षा ले रही है इस प्रकार की घटनाओं को यदि भविष्या से होने से नहीं रोका गया तो हिन्दू समाज को भी अपनी रक्षा के लिए स्वयं सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।इस मौके पर नितेंद्र कैंथोला युवा वाहिनी जिला संयोजक सौरभ गोदियाल जिला संयोजक पौड़ी गढ़वाल,रंजन जखमोला,अनूप आदि मौजूद थे।

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