रिपोर्ट प्रताप नेगी
गदरपुर, 25 सितंबर 2026। ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर यूनियन का गदरपुर ब्लॉक सम्मेलन विरक पैलेस में आयोजित किया गया। सम्मेलन में आशा वर्कर्स को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने तथा आशा कार्यकर्ताओं के श्रम के शोषण पर रोक लगाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इस दौरान ब्लॉक की नई कमेटी का गठन भी किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन ऐक्टू के प्रदेश महामंत्री के.के. बोरा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें स्वास्थ्य विभाग के जमीनी स्तर के महत्वपूर्ण कार्य आशा वर्कर्स के माध्यम से करवाती हैं। उन्होंने कहा कि आशाओं का कार्य किसी भी राज्य कर्मचारी के काम से कम नहीं है, इसके बावजूद उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग लंबे समय से लंबित है।
के.के. बोरा ने श्रम कानूनों में हुए बदलावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आशा वर्कर्स को श्रमिक के रूप में उचित अधिकार नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स सहित तमाम श्रमिकों की मांगों को लेकर ऐक्टू लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि 22 नवंबर को देहरादून में ऐक्टू द्वारा आयोजित विशाल प्रदर्शन में उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर यूनियन पूरी ताकत के साथ शामिल होगी।
यूनियन की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला सचिव रीता कश्यप ने कहा कि ऐक्टू के नेतृत्व में उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर यूनियन ने आशा वर्कर्स की समस्याओं और मांगों को लगातार सरकार के सामने उठाया है। उन्होंने कहा कि संगठन के माध्यम से आशाओं ने अपनी सामूहिक ताकत को पहचाना है और बड़े आंदोलनों के जरिए सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन जैसी मांगों के लिए संगठित संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा।
जिला अध्यक्ष ममता पानू ने कहा कि आशा वर्कर्स पर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आशाओं के अधिकारों के लिए मजबूत संगठन और एकजुट संघर्ष जरूरी है।
यूनियन की जिला उप सचिव अनीता अन्ना ने कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में महिला स्कीम वर्कर्स सरकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में 12 हजार से अधिक आशा वर्कर्स कार्यरत हैं और उन पर लगातार नए कार्यों का बोझ बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के जमीनी ढांचे की कमियों का खामियाजा भी कई बार आशा वर्कर्स को भुगतना पड़ता है। उन्होंने आशाओं के सम्मान, कार्य की सुरक्षा और अधिकारों के लिए यूनियन को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
13 सदस्यीय ब्लॉक कमेटी का गठन
सम्मेलन के दौरान 13 सदस्यीय ब्लॉक कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में काजल मिस्त्री को ब्लॉक अध्यक्ष, सरिता कश्यप को उपाध्यक्ष, काजल मिस्त्री को ब्लॉक सचिव, लक्ष्मी देवी को कोषाध्यक्ष तथा पूजा को ब्लॉक उपसचिव चुना गया। इसके अलावा निधि, प्रेमलता, सुरेंद्र कौर, कला राणा, प्रीति रस्तोगी, फातिमा, देवेंद्र कौर और राधा सहित अन्य सदस्यों को कार्यकारिणी में शामिल किया गया।
सम्मेलन में बाजपुर ब्लॉक कोषाध्यक्ष जीत कौर, सपना भट्ट, गौरी विश्वास, हेमा बिष्ट, तारा भट्ट, नाजरा बी, जसविंदर कौर, पूर्व जिला सचिव कुलविंदर कौर, मनीषा, देवकी, वंदना, निधि, सायरीन, नीलम रानी, पुष्पा देवी, लक्ष्मी रावत, आरती, माया, पूजा रानी, सबीना, प्रीति, कमलेश, मंजू नेगी, शमीम जहां, राधा रानी, शकुंतला, आशा देवी, कश्मीर कौर, नीलिमा, सुमन देवी, तीर्थमनी, विमला रानी, अमरजीत कौर सहित बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स मौजूद रहीं।

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