रिपोर्ट लोकेन्द्र रावत
जनपद चमोली के विकास खण्ड कर्णप्रयाग के ग्राम जयकण्डी के वन पंचायत भूमि में समळौ॑ण आन्दोलन के तहत बांज,कचनार, आंवला के 100समलौ॑ण पौधों का रोपण कर रक्षा सूत्र बांधकर संरक्षण की जिम्मेदारी लेते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया, कार्यक्रम का संचालन समलौण आन्दोलन की संयोजिका श्रीमती नन्दा देवी जोशी ने किया, उन्होंने कहा पेड़ पौधे ही हमारे प्राण वायु हैं, जिनका संरक्षण करना हर मानव का परम कर्तव्य है, तभी जीवन सुखमय हो पाएगा, और हमारा भविष्य भी सुरक्षित रहेगा, समलौण अपने आप में एक भावनात्मक आंदोलन के साथ-साथ जीवन से जुड़ी पहल है, जिसमें हर संस्कारों के अवसर पर समळौ॑ण पौधारोपण करना बच्चों से लेकर वृद्ध जनों तक पर्यावरण जागरूकता का एक सरल उपाय है, आज इस स्थान पर 100पौधो का रोपण किया गया,जो कि ग्रामीणो द्वारा पल्लवित पोषित होकर एक दिन समलौण वन के रूप में विकसित होगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से वनों का संरक्षण करने एवं हर संस्कारों के अवसर पर समळौ॑ण पौधारोपण करने की अपील की। उक्त अवसर पर वन पंचायत सरपंच ऋषि प्रसाद डिमरी,दीपक डिमरी ,नवीन चंद जोशी, धर्म सिंह ,नीलम बिष्ट ,कविता देवी बिष्ट, सुलेखा देवी, देवंती रावत, लकी आदि ग्रामीण अधिक संख्या में उपस्थित थे।

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