नई दिल्ली, 26 जून। राजधानी दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब (मावलंकर सभागार) में लोकआंदोलन न्यास, मातृ सदन (हरिद्वार), अखिल भारतीय पंचायत परिषद एवं किसान मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “राष्ट्रीय कार्यकर्ता बैठक एवं राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2026” समारोह में देशभर से आए संतों, किसान नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ समाजसेवी देवेन एस. खत्री को सामाजिक सेवा, जनजागरण एवं जनहित के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित “राष्ट्रीय गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने कहा कि यह सम्मान समाज सेवा के प्रति उनकी जिम्मेदारी को और अधिक बढ़ाता है तथा वे भविष्य में भी किसानों, पर्यावरण, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के मुद्दों पर निरंतर कार्य करते रहेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन के दौरान लोकआंदोलन की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कल्पना इनामदार ने देशभर के सामाजिक संगठनों से एकजुट होकर व्यवस्था परिवर्तन के लिए व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में किसान, युवा, मजदूर और आम नागरिक अनेक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय स्तर पर जनशक्ति को संगठित करने की आवश्यकता है।
मातृ सदन के प्रमुख स्वामी शिवानंद सरस्वती महाराज ने गंगा, पर्यावरण एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए संपूर्ण व्यवस्था परिवर्तन का आह्वान किया। वहीं किसान मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं उपाध्यक्ष भोपाल सिंह चौधरी ने गंगा पर बन रहे बांधों तथा प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते कॉरपोरेट हस्तक्षेप पर चिंता व्यक्त की।
वरिष्ठ किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को किसानों के हितों के विरुद्ध बताते हुए इसके विरोध में राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की घोषणा की। किसान मंच के संरक्षक पीयूष जोशी ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता एवं आंदोलनकारी संगठनों के अधिकारों की रक्षा पर बल दिया। प्रख्यात किसान नेता बी.एम. सिंह ने पर्यावरण एवं किसान हितों की रक्षा के लिए न्यायालय से लेकर जनआंदोलन तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
स्वामी कमलानंद महाराज ने गाय, गंगा एवं गोबर आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर भारत का आधार बताया, जबकि किसान मंच उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष किसान पुत्र कार्तिक उपाध्याय ने हिमालय, गंगा तथा प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
समारोह में देशभर से आए 25 कर्मयोगियों को “राष्ट्रीय गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया। प्रमुख सम्मानित हस्तियों में चौधरी शाह आलम सिद्दीकी, शब्दाब केसर, प्रदीप हुड्डा, ठाकुर सत्यभान चौहान, संजय राणा, देवेन एस. खत्री सहित विभिन्न राज्यों के समाजसेवी, किसान नेता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत व्यक्तित्व शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान वैधानिक एमएसपी समिति, पूर्णतः स्वतंत्र निर्वाचन आयोग, व्यापक न्यायिक सुधार, भारतीय न्यायिक सेवा (IJS) का गठन, जनप्रतिनिधियों के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा, राइट टू रिकॉल, पंचायतों को अधिक प्रशासनिक अधिकार, सार्वजनिक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता, दवाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिकतम मूल्य निर्धारण, मुद्रा सृजन की स्वतंत्र व्यवस्था तथा ₹50 से अधिक मूल्यवर्ग के नोटों को चरणबद्ध रूप से समाप्त करने सहित अनेक राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम व कमल तिवारी, विमल बत्रा, तरुण उप्पल, धर्मपाल सिंह, नीलम राजकुमार, डॉ. राजकुमार साहू, हर्ष ठाकुर, नरेश आनंद, मुकेश, अजय कुमार, बबीता, गीता देवी, मंजू चौहान, अनुज शर्मा, श्रीकृष्ण राय, महेश गुप्ता, सत्यभान चौहान, दत्ता आवरी, संजय छाबड़ी, अलीम, जाकिर अंसारी, कैप्टन नरेश कुमार, धर्मवीर सिंह, डॉ. सतीश चंद्र, प्रकाश बंधु, मिथिलेश कुमार, संतोष सिंह, डॉ. उदय चंद, जय पंडित, चौधरी सदाब, ओम प्रकाश, वसीम अल्वी शिवकांत एवं रीता कुमारी सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, किसान प्रतिनिधि, संत एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि किसान, पर्यावरण, लोकतंत्र, न्यायिक पारदर्शिता और सुशासन से जुड़े मुद्दों पर देशव्यापी जनजागरण अभियान को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

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