Home उत्तराखंड अल्‍मोडा गुरिल्‍लों ने पुनवा नौला शुरु की अपनी जनजागरण रथ यात्रा पुरे प्रदेश मे होगा जनजागरण।
अल्‍मोडा

गुरिल्‍लों ने पुनवा नौला शुरु की अपनी जनजागरण रथ यात्रा पुरे प्रदेश मे होगा जनजागरण।

पनुवा नौला -23जून आज यहां चितई गोलज्यू मंदिर से गुरिल्लों की जनजागरण रथ यात्रा प्रारम्भ हुई चितई पेटशाल बाड़ेछीना होते हुए दन्या को प्रस्थान कर गयी है, बाड़ेछीना,पनुवानौला में सभाओं को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज भी देश को गुरिल्लों की उतनी ही आवश्यकता है जितनी 1963में एस एस बी के गठन के समय थी, गुरिल्लों के पनुवानौला से संबंध को याद करते हुए संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष ब्रह्मा नंद डालाकोटी ने कहा यहां एस एस बी का क्षेत्रीय संगठक का कार्यालय होता था जिसके माध्यम से 1963से लेकर 2000 तक हजारों स्थानीय युवाओं को गुरिल्ला प्रशिक्षण हेतु सराहन,ग्वालदम और पौड़ी भेजा गया समय समय पर हमैं यहां अनेक पुनर्वोधात्मक प्रशिक्षण भी दिये गये, लेकिन गुरिल्लों की तरह ये कार्यालय भी बीरान हो गये हैं, उन्होंने कहा कि सीमाओं पर जो आतंकवादी, अलगाववादी ताकतें फिर उभरने लगी हैं सरकार को इसकी जांच अवश्य करनी चाहिए कि कहीं गुरिल्ला सुरक्षा प्रणाली खत्म करने से तो ये समस्या पैदा नहीं हो रही जिस प्रकार सीमाओं से पलायन हुआ है सीमावर्ती इलाके जनशून्य हो रहे ये बड़े खतरे का संकेत है, सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने गुरिल्लों को उनके गांवों में ही रोजगार देकर सरकार सीमाओं से पलायन रोक सकती है। यात्रा में आज केन्द्रीय अध्यक्ष ब्रह्मा नंद डालाकोटी जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला,विजय जोशी,बसंत लाल, शेर सिंह,बिशन सिंह नेगी, रामपाल,के डी पांडे, नवीन कुमार भूपाल सिंह गोपाल राम,राजन राम आदि सम्मिलित रहे।

रायआगर24जून आज गुरिल्लों की जनजागरण रथयात्रा,हाट कालिका मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई गंगोलीहाट में सभा को संबोधित करते हुए केन्द्रीय अध्यक्ष ब्रह्मा नंद डालाकोटी ने कहा कि प्रशिक्षित गुरिल्लों से सरकार ने समय समय पर आंतरिक बाह्य सुरक्षा में कार्य लिया, गुरिल्लों से जहां 1971के भारत पाक युद्ध में काम लिया गया,1982से 1985तक गुरिल्लों को भर्ती कर रामपुर में 2बटालियन पी ए सी बनाई गयी लेकिन तीन साल तक अस्थाई काम लेकर बटालियनें भंग कर दी गयी,2000तक कुछ सीमित संख्या में गुरिल्लों को एस एस बी में भर्ती भी किया गया शेष बचे गुरिल्लों को बर्षो तक केवल बर्दी आदि देकर प्रशिक्षण दिया जाता रहा लेकिन 2000से वह भी बंद कर दिया।बिगत 17वर्षो के आंदोलन में गुरिल्लों ने जब जब संगठित ताकत दिखाई तब तब सरकार उनके लिए कुछ न कुछ घोषणा की और जब गुरिल्ले शिथिल हुए, सरकार भी शिथिल पड़ गयी इसलिए सभी गुरिल्लों को पुनः एक जुट होकर सरकार पर प्रभावी दबाव बनाना होगा । आंदोलन तेज न हो इसके लिए सरकार का तंत्र गुरिल्लों को गुमराह करने के अफवाहें फैलाने, गुरिल्लों का कार्य हो रहा है ऐसा अहसास दिलाने सत्यापन या फिर कोई और कार्यवाही करेगा पर गुरिल्लों अपनी एकता बनाये रखनी होगी संगठन तोड़ने वालों सावधान रहना होगा आज यात्रा उडियारी बैंड से डीडीहाट की ओर निकल गयी विभिन्न स्थानों पर सभाओं में संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष ब्रह्मा नंद डालाकोटी, शिवराज बनौला, होसियार सिंह, भगवान सिंह धानिक ने संबोधित किया सभाओं में मनीष बिष्ट,मनोहर लाल बलबीर सिंह,रतन राम जोगाराम, सर्वजीत महरा,मीना देवी कमला देवी,नीमा देबी,षष्टी बल्लभ पंत,जीवन शाह,हेमंत शाह, रमेश महरा, गोकुल महरा आदि सम्मिलित हुए।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

Categories

Related Articles

राजकीय महाविद्यालय भत्रोजखान में देवभूमि उद्यमिता योजना 3.0 संस्करण का हुआ सफल सम्पादन:

राजकीय महाविद्यालय भत्रोजखान में देवभूमि उद्यमिता योजना 3.0 संस्करण का हुआ सफल...

उत्तराखंड का पारंपरिक पर्व चैत्र मास में विवाहित बहन ,बेटियों भिटौली उपहार।

रिपोर्ट प्रताप सिंह नेगी अल्‍मोडा उत्तराखंड के कुमांऊ गढ़वाल में पारं परिक...

अलमोडा -उक्रांद का ‘हर घर चर्चा, हर घर पर्चा’ अभियान जोर शोर से चल रहा।

रिपोर्ट बलबीर सिंह मिशन 2027: सल्ट विधानसभा से उत्तराखंड में बड़े राजनीतिक...