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चमोली -गोपेश्वर महाविद्यालय में मनाया गया गढ़वाली मातृभाषा दिवस

रिपोर्ट  लोकेन्‍द्र रावत चमोली

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में बुधवार को गढ़वाली मातृभाषा दिवस बड़े धूमधाम से मनाया गया।

अंग्रेजी विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी प्राचार्य प्रो. चंद्रावती जोशी ने कहा कि हर भाषा महत्वपूर्ण है इसलिए इन्हें संजोए जाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हिंदी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ दिगपाल सिंह कंडारी ने कहा कि भाषाएं संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम संयोजक अंग्रेजी विभाग प्रभारी असिस्टेंट प्रोफेसर दर्शन सिंह नेगी ने कहा कि गढ़वाली एक समृद्ध भाषा है मगर वर्तमान में गढ़वाली बोलने वालों की संख्या लगातार घट रही है जो चिंता का विषय है। उन्होंने आह्वान किया कि नई पीढ़ी को दैनिक जीवन में गढ़वाली भाषा का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए।

कार्यक्रम में छात्र छात्राओं ने गढ़वाली गीतों, कविताओं कहानियों, कहावतों एवं नृत्य की प्रस्तुतियों से सबका मन मोहा।

इस अवसर पर प्रवक्ता दिनेश पंवार, मोहित कोठियाल, नुपुर कुंवर, मनीष कुमार, पवन कुमार आदि उपस्थित रहे।

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