चमोली-जंगलों की आग बुझाने मे डटे रहे वन अधिकारी आग को बढ़ने से बचाया जा रहा।
रिपोर्ट कमलेश पुरोहित
केदारनाथ वन प्रभार क्षेत्र के अंतर्गत सिरों पिलंग-सैकोट के जंगल से आग पहुंची गाँव तक, वन संरक्षक और उप प्रभागीय वना अधिकारी , वनक्षेत्र अधिकारी गोपेश्वर रहे मौके पर पहुंचे
वन विभाग और पूर्व प्रमुख नन्दा सिंह बिष्ट ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा चार घंटे के बाद बुझाई जा सकी आग
संवाद न्यूज एजेंसी उत्तराखण्ड प्रहरी व्यूरो चमोली
चमोली गोपेश्वर। केदारनाथ वन प्रभार क्षेत्र दशोली ब्लॉक के सिरों पिलंग सैकोट गांव के जंगल में बुधवार रात भीषण आग लगने से ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। आग कि लपटें गांव और स्कूल के गोशाला नजदीक तक पहुंच गई।
खतरे को देखते हुए रेंज अधिकारी व ग्रामीण पूरी रात जागते रहे और वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर जान जोखिम में डालकर आग बुझाते रहे। करीब चार घंटे से अधिक से कड़ी मेहनत मशक्कत के बाद बृहस्पतिवार को आग पर काबू पाया जा सका।
नन्दप्रयाग -पोखरी सड़क के निचले हिस्से से होते हुए आग पिलंग गांव के तरफ बढ़ने लगी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम रेंजर भरत सिंह नेगी के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। फायर वाचर और वन कर्मी देर रात तक आग बुझाने में जुट गए और रात करीब 11:30 बजे आग काफी हद तक नियंत्रित कर ली गई। मगर
सड़क किनारे खड़ी कार जली
बृहस्पतिवार गोपेश्वर। बृहस्पतिवार को शाम करीब चार बजे गोपेश्वर के पटियालधार में नर्सिंग कॉलेज मार्ग पर चीड़ के जंगल में आग भड़क गई। यहां सड़क किनारे करीब 40 वाहन पार्किंग में खड़े थे। नगर पालिका सभासद दीपक बिष्ट ने इसकी सूचना वन विभाग और अग्निशमन विभाग को दी। आग की चपेट में आने से एक कार जल गई जबकि अन्य वाहनों तक भी आग पहुंचने लगी थी। तभी कुछ लोगों ने अपने वाहन यहां से निकाल दिए। मौके पर पहुंचे अग्निशमन कर्मियों ने आग बुझाई। वहीं अलकनंदा वन प्रभाग की डीएफओ प्रियंका सुंडली भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि वनों में आग लगाने वालों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवाद
रात करीब 12 बजे तेज हवा के कारण जंगल में आग दोबारा भड़क उठी। आग की तेज लपटें गांव की ओर बढ़ती देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
पिलंग गांव के पूर्व ब्लॉक प्रमुख नंदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में महिलाएं और युवा भी जंगल पहुंच गए। ग्रामीण और वन कर्मी रात 12 बजे से सुबह पांच बजे तक लगातार आग बुझाने में जुटे रहे। आखिरकार सुबह आग बुझ गई तो लोगों ने राहत की सांस ली। आग बुझाने में अंजलि, प्रमिला, राधा, प्रियंका, अनीता, सुनीता, रजत, सार्थक, प्रशांत, अतुल
नर्सिंग कॉलेज रोड के किनारे खड़ी कार। संवाद
आग बुझाने नहीं गए तो होगा चालान
गोपेश्वर। वन महकमे ने जंगलों में लगी आग बुझाने में सहायता न करने वाले ग्रामीणों का भी चालान करने का निर्णय लिया है। बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ सर्वेश दुबे ने बताया कि वन अधिनियम 2001 के तहत जंगल में आग लगने पर संबंधित गांव के लोग यदि आग को शुरुआती समय में बुझाने का प्रयास नहीं करते हैं तो उनका चालान किया जाएगा। ऐसी लापरवाही पर एक साल की सजा और 2000 रुपये के जुर्माने का प्राविधान भी है। वन कर्मियों के साथ ग्रामीणों की ओर से आग बुझाने में सहायता की जाती है
वनाग्नि की गंभीरता को देखते हुए नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व के वन संरक्षक एवं निदेशक पंकज कुमार भी प्रभावित क्षेत्र मेंपहुंच गए और मौके का जायजा लिया।





