Home उत्तराखंड देहरादून अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच” द्वारा 08 फ़रवरी 2026 को देहरादून में महापंचायत का ऐलान
देहरादून

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच” द्वारा 08 फ़रवरी 2026 को देहरादून में महापंचायत का ऐलान

आज शहीद स्मारक, देहरादून में अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP के खुलासे तथा VIP को बचाने में संलिप्त सभी लोगों को सज़ा दिलाने की माँग को लेकर 08 फ़रवरी 2026 को देहरादून में एक विशाल महापंचायत आयोजित करने का ऐलान किया गया। इस महापंचायत में देश-प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे।

मंच की कमला पंत ने कहा कि जब तक अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से VIP को केंद्र में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जाँच की माँग की थी, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा केवल अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जाँच की संस्तुति की गई। इससे स्पष्ट होता है कि अब भी VIP को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

संघर्ष मंच के मोहित डिमरी ने कहा कि जब अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जाँच की माँग की थी, तो उसी ज्ञापन को FIR मानते हुए सीबीआई जाँच का आधार बनाया जाना चाहिए था। लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने अचानक सामने आई अनिल प्रकाश जोशी की FIR को सीबीआई जाँच का आधार बनाया। इससे सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं और यह प्रतीत होता है कि VIP को बचाने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है, अन्यथा ऐसा करने की कोई आवश्यकता नहीं थी।

मंच की निर्मला बिष्ट ने कहा कि यह अत्यंत आश्चर्यजनक है कि जिस उर्मिला सनावर को पुलिस, खुफिया विभाग और यहाँ तक कि मुख्यमंत्री कार्यालय तक खोज नहीं पा रहा था, वह कई दिनों बाद अचानक दर्शन भारती के साथ दिखाई देती है। उन्होंने माँग की कि दर्शन भारती के फोन की भी जाँच की जाए—वह कितने समय से उर्मिला सनावर के संपर्क में था, उसने उसे कैसे खोजा और इस प्रक्रिया में उसकी सहायता किसने की।

बैठक में उपस्थित विभिन्न वक्ताओं ने अपनी शंकाएँ और विचार रखते हुए मंच की ओर से अंकिता भंडारी हत्याकांड में निम्नलिखित माँगें रखीं—

1. अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP को केंद्र में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जाँच कराई जाए।

2. अंकिता भंडारी के माता-पिता द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन को ही FIR मानते हुए सीबीआई जाँच का आधार बनाया जाए।

3. उर्मिला सनावर को ढूँढकर लाने का दावा करने वाले दर्शन भारती की भूमिका की गहन जाँच की जाए।

4. सीबीआई जाँच के लिए बनाई गई अनिल प्रकाश जोशी की FIR को रद्द किया जाए तथा उनकी भूमिका की भी जाँच हो।

5. अंकिता भंडारी हत्याकांड में वनंतरा रिसॉर्ट को ढहाने का आदेश देने वाले व्यक्ति/व्यक्तियों की जाँच की जाए और इसे सबूत मिटाने का अपराध मानते हुए उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही कर उन्हें दंडित किया जाए।

बैठक में वक्ता के रूप में पी.सी. थपलियाल, सुजाता पॉल, समदर्शी बर्तवाल, पद्मा गुप्ता, संजीव घिल्डियाल, कमलेश खंतवाल, विमला कोली, आशुतोष कोठारी, सोनिया आनंद, राजू सिंह, स्मृति नेगी, मंजू बलोदी, तुषार, कृष्णा सकलानी, हेमलता नेगी सहित अनेक लोगों ने अपने विचार रखे।

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