Home उत्तराखंड देहरादुन- आशा एंव आशा फैसिलेटटरो का देश भर मे धरना प्रदर्शन।
उत्तराखंड

देहरादुन- आशा एंव आशा फैसिलेटटरो का देश भर मे धरना प्रदर्शन।

रिपोर्ट  प्रताप सिंह नेगी

देहरादून -राष्‍ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत आशा एवं आशा फैसिलेटटरों ने देहरादून सहित कई जिलों में एक दिवसीय धरना करके जिला अधिकारी के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री व माननीय मुख्यमंत्री को विभिन्न मांगों के निराकरण हेतु ज्ञापन सौंपा।


उत्तराखंड के कुमाऊं गढ़वाल के अलग-अलग जिलों की आशा एवं फैसिलेटटरों का कहना है।हम लोग लंबे समय से राज्य सरकार व केन्द्र सरकार को अपनी विभिन्न मांगों के निराकरण के लिए कभी ज्ञापन के जरिए कभी धरना प्रदर्शन के जरिए अवगत करा चुके हैं लेकिन अभी तक हमारी जायज़ मांगों के निराकरण के लिए ना केन्द्र सरकार ने कोई ध्यान दिया ना राज्य सरकार ने।आज सोमवार को आशा कर्मचारियों के संगठनों ने

अपनी मांगों के निराकरण हेतु ज्ञापन सौंपा।इन आशा कर्मचारियों का कहना है।हम लोगों को स्वस्थ्य बिभाग के अलावा और भी सरकारी विभागों का दिया जाता परन्तु मानदेय के नाम से एक आम मजदूर के बराबर मानदेय नहीं दिया जाता है।इस न्यूनतम वेतन से पर्वतीय क्षेत्रों दुग्रम स्थानों की आशा कर्मचारियों को अपने घर परिवार के दिनचर्या चलाने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।

प्रदेश महासचिव रेनु बिष्‍ट ने बताया की आज देश भर मे जिलाधिकारियों को ज्ञापन हमारी कार्यकत्रीयों ने ज्ञापन दिया वही प्रदेश मे सभी जिलो मे आशा फैसिलेटटर कार्यकत्री संगठन ने अपनी मांगो को लेकर जिलाधिकारियों को माध्‍यम से माननीय प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौपा है।  माननीय प्रधानमंत्री को जिलाधिकारियों के माध्‍यम से जो ज्ञापन सौपा गया उसमे मुख्‍य मांगे रही।

आशा को 18 हजार एंव आशा फैसिलेटटरों को 24 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जाय व आशा कार्यकर्ताओं 18हजार रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जाय।

आशा फैसिलेटटरों को 25 की जगहर 30 दिन का मानदेय घोषित किया जाए।

आशा फैसिलेटटरों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाय।

आशा कर्मचारियों की योग्यता अनुसार इन्हें पदोन्नति की जाय।

आशा एंव आशा फैसिलेटटरों को ई पी एफ सुविधा दी जाए।

साल में सर्दी व गर्मियों की अलग-अलग युनिफॉर्म दी जाय।

रिटायर्डमेंट बैनिफिट के तौर कम से कम एकमुस्‍त 10 लाख रुपये दिये जाय।

आशा एंव आशा फैसिलेटटरों को प्रशिक्षण के दौरान यात्रा भत्‍ता एंव प्रशिक्षण शुल्‍क दिया जाए।

आशा एंव आशा फैसिलेटटरों को प्रधानमंत्री एंव मुख्‍यमंत्री आवास योजना के तहत सुविधा दी जाए।

आशा एंव आशा फैसिलेटटरों को टैबलेट या लेपटाॅप सरकारी सतर पर मुहिया कराई जाए।

आशा एंव आशा फैसिलेटटरों को विजिट पर जाने के लिए इलेक्‍ट्रीक स्‍कूटी मुहिया कराई जाए।

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