उत्तराखंड टंगरोली गांव की लहराती खेती देखे।यदि हो चकबंदी एंव खेती पर नीतियां बने फिर क्यों न हो पहाड आबाद। Tags: Post navigation Previous Previous post: कल्जीखाल- नलई गांव मे टावर न होने से डिजिटल इंडिया का नारा फेल, डांगी जी ने की प्रतिनिधियो से बात।Next Next post: लोकेश गैरोला और सुनीति गैरोला के नेतृत्व में उत्तराखंड उत्थान प्रयोगशाला पहुंची बाल पंचायतों के बीच Related Posts उत्तराखण्ड-लाभकारी उपज हेतु कृषक स्वयंम करे अदरक बीज उत्पादन ! पहाड से लेकर दिल्ली तक उठी भू कानुन की मांग क्यों ?राजनैतिक या असल का मुद्दा रिपोट्र नेता न देखे। उत्तराखण्ड मे कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा हुआ 72 आज 3 नये मामले Leave a Reply Cancel reply Your email address will not be published. Required fields are marked *Comment Name * Email * Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.