पहाड देवताओ की भूमि रही है और यहां देवताओ का वास के साथ साथ कण कण मे देवताओ का वास है। पहाड की लगातार पहाड की संस्कृति बदलती जा रही है हम देवी देवताओ को मानने वाली संस्कृति को छोड कर दिखावे वाले त्यौहारो को या तराई या दुसरे राज्यों के त्यौहारो को काफी तवजो […]Continue Reading





