Home उत्तराखंड पहाड़ की खेती को संवारने गांववालों ने बढ़ाया कदम, कुंणकोली में स्वैच्छिक चकबंदी तेज
उत्तराखंड

पहाड़ की खेती को संवारने गांववालों ने बढ़ाया कदम, कुंणकोली में स्वैच्छिक चकबंदी तेज

रिपोर्ट संध्‍या रावत जिज्ञासु

रानीखेत (अल्मोड़ा), 16 अक्टूबर।

पहाड़ की बिखरी खेती को फिर से व्यवस्थित करने और कृषि भूमि के बेहतर उपयोग की दिशा में अल्मोड़ा जिले के कुंणकोली गांव के ग्रामीणों ने सामूहिक पहल शुरू की है। स्वैच्छिक चकबंदी के समर्थन में बड़ी संख्या में भूमिधरों के आगे आने के बाद अब प्रक्रिया को गति देने के प्रयास तेज हो गए हैं। इसी क्रम में ग्रामीण प्रतिनिधियों ने आवेदकों की खाता-खतौनियों की हार्ड कॉपी क्षेत्रीय पटवारी को सौंप दी है। इसकी सूचना तहसीलदार और संयुक्त मजिस्ट्रेट को भी दी गई है।

70 भूमिधरों ने जताई सहमति

चकबंदी मंच उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष केवला नन्द तेवाड़ी के अनुसार, ग्राम कुंणकोली में पूर्व प्रधान उर्वादत्त पंत की पहल पर अभियान को आगे बढ़ाया गया। इसके लिए पूरन चन्द्र पंत को मंच का ग्राम समन्वयक बनाया गया। अब तक गांव के 70 भूमिधर परिवार चकबंदी के समर्थन में आवेदन दे चुके हैं। मंच के अनुसार, गांव के 80 से 90 प्रतिशत से अधिक भूमिधरों ने भी इस पहल के समर्थन में आवेदन दिए हैं।

9 जून 2026 को हुई ग्रामसभा की बैठक के बाद 21 जुलाई को ग्रामसभा कुंणकोली-गंगोड़ा की ओर से चकबंदी के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर तहसील को भेजा गया था।

अधिकारियों तक पहुंचा ग्रामीणों का प्रस्ताव

स्वैच्छिक चकबंदी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए चकबंदी मंच का प्रतिनिधिमंडल 7 सितंबर को देहरादून में राजस्व सचिव से मिला था। इसके बाद जिलाधिकारी अल्मोड़ा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। 10 सितंबर को मंच के प्रतिनिधियों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत से मुलाकात की। इस दौरान मंच के तहसील समन्वयक संजय पंत भी मौजूद रहे।

बिखरे खेतों को एक-दो स्थानों पर समेटने की तैयारी

पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि भूमि अलग-अलग स्थानों पर बिखरी होने के कारण खेती करना कई बार कठिन हो जाता है। ऐसे में स्वैच्छिक चकबंदी को भूमि के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब खाता-खतौनियों के आधार पर प्रत्येक आवेदक की कुल भूमि का विवरण जुटाया जा रहा है, ताकि आपसी सहमति से भूमि का अदल-बदल कर दूर-दूर स्थित खेतों को एक-दो स्थानों पर एकत्रित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

अन्य गांवों से भी आगे आने की अपील

चकबंदी मंच उत्तराखंड ने पर्वतीय क्षेत्रों के अन्य गांवों के भूमिधरों से भी अपील की है कि वे आपसी सहमति और एकजुटता के साथ स्वैच्छिक चकबंदी के लिए आवेदन करें। इससे बिखरी कृषि भूमि को व्यवस्थित करने और भविष्य में खेती को सुविधाजनक बनाने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं।

कुंणकोली गांव की यह पहल पहाड़ में खेती और भूमि प्रबंधन को लेकर ग्रामीणों की सामूहिक भागीदारी का उदाहरण है। अब ग्रामीणों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद चकबंदी को किस तरह धरातल पर उतारा जाता है।

https://ch

at.whatsapp.com/HgYLKDwpTKi4FIQ8fFNmzA

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

उत्तराखंड में भूकंप के झटकों की सूचना, रुद्रप्रयाग के आसपास 4.6 तीव्रता का अनुमान

रिपोर्ट हिमांशु मेहरा गैरसैंण/रुद्रप्रयाग, 6 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड में मंगलवार रात भूकंप...

विद्यालय को विद्यालय ही रहने दीजिए, रोज़ का मेला मत बनाइए!

आज शिक्षण स्तर क्यों गिर रहा है और अभिभावक सरकारी विद्यालयों से...

नानकमत्ता विधानसभा चुनाव कार्यालय का उद्घाटन, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे मौजूद

झनकट ग्राम सभा में हुआ कार्यक्रम, बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने की...