रिखणीखाल- ताड़केश्वर महादेव मंदिरआगजनी: आक्रोश में ग्रामीण, उत्तराखंड क्रांति दल ने की मुआवजे और सख्त कार्रवाई की मांग।
लैंसडाउन (पौड़ी गढ़वाल): उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री ताड़केश्वर महादेव मंदिर के मुख्य द्वार पर स्थित दुकानों में बीती रात असामाजिक तत्वों द्वारा आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया। इस घटना में स्थानीय व्यापारियों की कई दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गई हैं। सुबह जब दुकानदार अपनी दुकानें खोलने पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
घटना का विवरण
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना देर रात की बताई जा रही है जब कुछ उपद्रवी तत्वों ने मंदिर मार्ग पर स्थित इन दुकानों को निशाना बनाया। आग इतनी भीषण थी कि व्यापारियों को अपना सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला। पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि उनकी जीवनभर की जमा पूंजी इस आग की भेंट चढ़ गई है। घटना के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है।
उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने जताई कड़ी नाराजगी
घटना की सूचना मिलते ही उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने इस कृत्य की घोर निंदा की है। दल के वरिष्ठ कार्यकर्ता और लैंसडाउन विधानसभा अध्यक्ष श्री मुकेश बिष्ट जी ने इसे देवभूमि की शांति भंग करने की एक सोची-समझी साजिश बताया है। श्री बिष्ट जी ने स्पष्ट लहजे में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को जल्द सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
यूकेडी की प्रमुख मांगें:
दोषियों की पहचान: पुलिस प्रशासन त्वरित जांच कर उन चेहरों को बेनकाब करे जिन्होंने इस शर्मनाक घटना को अंजाम दिया।
आर्थिक मुआवजा: प्रभावित दुकानदारों का सब कुछ तबाह हो चुका है, अतः सरकार उन्हें तुरंत उचित वित्तीय सहायता और मुआवजा प्रदान करे।
सुरक्षा व्यवस्था: मंदिर परिसर और आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाए एवं पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
देवभूमि की मर्यादा पर सवाल
ताड़केश्वर महादेव मंदिर न केवल लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह क्षेत्र के स्थानीय लोगों के रोजगार का भी मुख्य जरिया है। मंदिर के मुख्य द्वार पर हुई इस तरह की घटना ने कानून-व्यवस्था और देवभूमि की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन स्थानीय जनता में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। उत्तराखंड क्रांति दल ने संकल्प दोहराया है कि वे इस दुख की घड़ी में स्थानीय भाइयों के साथ खड़े हैं और उन्हें न्याय दिलाकर ही दम लेंगे।





